जमशेदपुर: जमशेदपुर में टाटा मोटर्स के कंवाई चालक 1 मार्च 2024 से लगातार न्यूनतम मजदूरी, 8 घंटे से अधिक काम का अतिरिक्त वेतन, सालाना बोनस, इंश्योरेंस, बैंक भुगतान और PF की मांग को लेकर धरने पर हैं। चालकों का आरोप है कि उन्हें सिर्फ 370 रुपए देकर गाड़ियां ड्राइवरों के माध्यम से भेजी जा रही हैं, जबकि उनका मेहनताना कानूनन तय मानकों के अनुसार नहीं दिया जा रहा।
कंपनी के खिलाफ यह धरना जमशेदपुर और पूरे झारखंड में जारी है। चालकों का कहना है कि उनका मेहनताना वर्षों से कम दिया जा रहा है और उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी के वर्षों पुराने भ्रष्टाचार और अनुचित व्यवहार के कारण उनका संघर्ष जारी है।
धरने पर बैठे चालकों ने बताया कि वे करोड़ों रुपये का मासिक वेतन पाने के बावजूद पर्याप्त लाभ नहीं पा रहे और अब न्यूनतम मजदूरी लागू होने के बाद भी उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
चालकों ने भारत सरकार द्वारा बनाए गए कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि न्यूनतम मजदूरी, 8 घंटे से अधिक काम का दोगुना वेतन और सुरक्षा अनिवार्य है, और जिला प्रशासन को इसका पालन सुनिश्चित करना चाहिए।
धरने के दौरान एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें मजदूर प्रतिनिधि वीरेंद्र पाठक, संजय केसरी, प्रदीप बरुआ, धर्मेंद्र प्रसाद, त्रिलोकी चौधरी, रामचंद्र राव, निर्मल सिंह और ज्ञान सागर प्रसाद उपस्थित थे। इस बैठक में चालकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा।
धरने के चलते टाटा मोटर्स के संचालन पर असर पड़ रहा है और शहर के लोग भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए हैं। मजदूर प्रतिनिधियों का कहना है कि अब तक कोई संगठन या प्रशासनिक अधिकारी धरने के मुद्दों पर सक्रिय नहीं हुआ, जिससे चालकों में असंतोष और बढ़ गया है।
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