जमशेदपुर: जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग ने स्नातक सेमेस्टर 6 की छात्राओं के लिए एक शैक्षणिक यात्रा का आयोजन किया. इस यात्रा के दौरान, छात्राओं को चांडिल क्षेत्र में डंपी लेवल सर्वेक्षण की तकनीकी और व्यवहारिक जानकारी दी गई. यह सर्वेक्षण भूगोल विषय की सैद्धांतिकी को व्यवहारिक धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण प्रयास था.
शैक्षणिक यात्रा का महत्त्व
भूगोल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रीति ने इस शैक्षणिक यात्रा के महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्राओं को भूगोल की सैद्धांतिक समझ के साथ-साथ वास्तविक जीवन में उन सिद्धांतों को लागू करने का अवसर प्रदान करती हैं. उनका मानना है कि इस तरह के सर्वेक्षण छात्राओं को स्थलाकृतिक अध्ययन में दक्ष बनाएंगे और भविष्य में शोध कार्य की संभावनाओं को बढ़ावा देंगे.
कुलपति का दृष्टिकोण
वीमेंस यूनिवर्सिटी की माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने इस शैक्षणिक गतिविधि की सराहना की. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करना नहीं है, बल्कि छात्रों को व्यवहारिक और तकनीकी दक्षताओं से सशक्त बनाना है. यह सर्वेक्षण छात्राओं को वास्तविक परिदृश्यों में कार्य करने की समझ विकसित करने में सहायक होगा और उन्हें शोध और व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का अवसर देगा.
छात्राओं के अनुभव और विचार
सर्वेक्षण में भाग लेने वाली छात्राओं ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि डंपी लेवल सर्वेक्षण ने उन्हें पहली बार वास्तविक परिस्थितियों में उपकरणों का उपयोग करने का अवसर दिया. यह अनुभव उनके आगामी शोध कार्यों में बहुत सहायक होगा और उन्होंने इसे बेहद ज्ञानवर्धक और रोमांचक अनुभव बताया.
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