झाड़ग्राम: विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय ट्रेड यूनियनों द्वारा पूर्व घोषित आम हड़ताल की तिथि बदल दी गई है. अब यह हड़ताल 9 जुलाई 2025 को आयोजित की जाएगी. नगर के कर्मचारी भवन परिसर में आयोजित वामपंथी संगठनों की एक बैठक में यह निर्णय लिया गया.
कर्मचारी भवन में हुई रणनीतिक बैठक
वामपंथी मजदूर, कर्मचारी और शिक्षक संगठनों की इस बैठक में प्रमुख रूप से गंगाधर बर्मन, स्वपन बारिक और अशोक घोष समेत अन्य नेता उपस्थित रहे. हड़ताल की रणनीति पर चर्चा के साथ-साथ वक्ताओं ने अपनी मांगों के पक्ष में जोरदार भाषण भी दिए.
इन मांगों को लेकर होगी हड़ताल
हड़ताल की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
श्रम संहिता को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर रोक लगाई जाए
एनपीएस/यूपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को पुनः लागू किया जाए
कर्मचारियों के बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाए
छुट्टियों की मनमानी रद्दीकरण नीति को वापस लिया जाए
भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं
लोकतंत्र और सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा की जाए
आतंकवाद के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाए
शहीदों को श्रद्धांजलि, शिक्षकों के आंदोलन को समर्थन
बैठक की शुरुआत में कश्मीर में शहीद हुए नागरिकों, सैनिकों और कर्मचारी आंदोलन के दिवंगत नेता देवाशीष चटर्जी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया. वक्ताओं ने योग्य लेकिन बेरोजगार शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों के आंदोलन के प्रति सहानुभूति जताई और पुलिसिया दमन की तीव्र आलोचना की. बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ ट्रेड यूनियन नेता दिलीप साव ने की. उन्होंने कहा कि यह हड़ताल केवल मजदूरों की नहीं, बल्कि जनतंत्र, सामाजिक न्याय और मानव गरिमा की रक्षा की लड़ाई है.
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