
पटना: पटना के गांधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है. यह कार्रवाई पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा की अनुशंसा पर आईजी जितेंद्र राणा द्वारा की गई. राजेश कुमार पर हत्या जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतने और विधि-व्यवस्था बनाए रखने में लगातार विफल रहने के आरोप हैं.
जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसएसपी ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की थी. आईजी ने उसी आधार पर तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया.
गोपाल खेमका हत्याकांड से उठे कई सवाल
चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के बाद उनके परिजनों ने पटना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उनके छोटे भाई संतोष खेमका ने कहा कि पुलिस को सूचना देने के बावजूद घटनास्थल पर गांधी मैदान थाना की टीम डेढ़ घंटे बाद पहुंची.
परिवार ने आरोप लगाया कि इतने लंबे समय तक पुलिस की अनुपस्थिति ने अपराधियों को भागने का पूरा अवसर दे दिया. घटनास्थल पर बिखरे कारतूस के खोखे पुलिस द्वारा ईंट और बांस-बल्लों से घेर दिए गए, जिसे देख कर परिवार का भरोसा पुलिस व्यवस्था से उठ गया.
“क्या बिहार में कोई सुरक्षित है?”
परिजनों ने बिहार सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य में अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे घर में घुसकर हत्या करने से भी नहीं डरते. संतोष खेमका ने कहा, “बिहार पुलिस की कार्यशैली हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम वास्तव में सुरक्षित हैं?”
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