पोटका: पोटका के पावरू मौजा ग्राम सभा में बोर्ड लगाए जाने का मामला विवाद का विषय बन गया है। ग्राम प्रधान अजीत सरदार ने आरोप लगाया कि लख्खी चरण सरदार ने खुद को ग्राम प्रधान घोषित कर ग्रामीणों को भ्रमित किया है। उनका कहना है कि फर्जी तरीके से ग्राम प्रधान बनने के कारण कई सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा है।
अजीत सरदार ने स्पष्ट किया कि बिना ग्राम सभा की मंजूरी बोर्ड लगाना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पारंपरिक ग्राम प्रधान हैं और उन्हें सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही उन्हें सरकार की ओर से मानदेय भी मिलता है।
ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि गांव में अशांति फैलाने में फर्जी ग्राम प्रधान लख्खी चरण सरदार के साथ-साथ गांव के आनंद पाल और मानिक सरदार भी शामिल हैं। उन्होंने इस मामले में फर्जी ग्राम प्रधान पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में अजीत सरदार ने पोटका सीओ निकिता बाला, मुसाबनी डीएसपी चंद्रशेखर आजाद और पोटका थाना प्रभारी मनोज कुमार मुर्मू को पत्र सौंपते हुए फर्जी ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है।
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