- रजिस्टर में दिखती है उपस्थिति, पर वास्तविक लाभ से वंचित ग्रामीण महिलाएं और बच्चे
पोटका : पोटका प्रखंड अंतर्गत पालीडीह स्थित आंगनवाड़ी केंद्र को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। गांव से केंद्र की दूरी लगभग दो किलोमीटर होने के कारण छोटे बच्चे नियमित रूप से आंगनवाड़ी नहीं पहुंच पाते हैं। इसके बावजूद रजिस्टर में उनकी उपस्थिति दर्ज कर भोजन वितरण दिखाया जाता है। गांव की सहिया रानी सिंह सरदार, बहामनी सरदार और सुशीला सरदार ने बताया कि गर्भवती और धात्री महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाले पूरक पोषाहार की आपूर्ति अनियमित है। कई बार दो से पाँच महीनों बाद मात्र दो पैकेट ही दिया जाता है, जबकि निर्धारित मात्रा चार पैकेट है।
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पोटका क्षेत्र में पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कभी गांव में निरीक्षण के लिए नहीं आते, जिससे केंद्र में चल रही अनियमितताओं पर किसी तरह की निगरानी नहीं हो पाती। साथ ही, गांव के लगभग 17 बच्चे प्रतिदिन की उपस्थिति में दर्ज रहते हैं, जबकि वे केंद्र में आते ही नहीं। महिलाओं ने कहा कि आसपास के अन्य केंद्रों में नियमित रूप से पोषाहार वितरित होता है, परंतु सानबासा क्षेत्र की महिलाएं और बच्चे इससे वंचित हैं। ग्रामीणों ने शीघ्र जांच और सुधार की मांग की है।
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