नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर की सुरक्षा में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है. पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें विशेष बुलेटप्रूफ कार में सफर कराने का निर्णय लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली स्थित उनके आवास की सुरक्षा भी और अधिक कड़ी कर दी है.
जयशंकर पहले से ही ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त कर चुके हैं, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के प्रशिक्षित कमांडो तैनात रहते हैं. उनकी सुरक्षा के लिए 33 कमांडो की विशेष टीम चौबीसों घंटे मुस्तैद रहती है.
पहले ‘वाई’, अब ‘जेड’ श्रेणी
अक्तूबर 2024 में उनकी सुरक्षा श्रेणी ‘वाई’ से बढ़ाकर ‘जेड’ कर दी गई थी. उसी दौरान सीआरपीएफ ने दिल्ली पुलिस से उनकी सुरक्षा का नियंत्रण अपने हाथ में लिया था. वर्तमान में 69 वर्षीय जयशंकर देशभर की यात्राओं में एक दर्जन से अधिक सशस्त्र कमांडो के सुरक्षा घेरे में रहते हैं.
210 से अधिक वीआईपी को सुरक्षा
सीआरपीएफ वर्तमान में 210 से अधिक विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा कवर दे रही है. यह सुरक्षा ‘एक्स’ से लेकर ‘जेड-प्लस’ तक विभिन्न श्रेणियों में विभाजित है. गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी, दलाई लामा, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा जैसी हस्तियों को भी सीआरपीएफ की विशेष सुरक्षा प्राप्त है.
पहलगाम हमला और सैन्य कार्रवाई की पृष्ठभूमि
जयशंकर की सुरक्षा बढ़ाने का निर्णय उस समय लिया गया जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच गया. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ. इसके जवाब में 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके के नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. कई कुख्यात आतंकी मारे गए.
दो दशक बाद चरम पर पहुंचे हालात
इस कार्रवाई के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए. पाकिस्तान की ओर से भारतीय शहरों को निशाना बनाने की कोशिशें की गईं, लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया. जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर निर्णायक संदेश दिया.
सीजफायर की पेशकश और फिर उल्लंघन
10 मई को पाकिस्तान ने भारत के सामने युद्धविराम (सीजफायर) का प्रस्ताव रखा. आपसी सहमति से इसे लागू भी किया गया. लेकिन कुछ ही घंटों में पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन कर दिया. भारतीय सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान को करारा सबक सिखाया.
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