पश्चिमी सिंहभूम : पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। रविवार सुबह गुदड़ी थाना क्षेत्र के जंगली इलाकों में हुई मुठभेड़ में हार्डकोर माओवादी वफर हलांका उर्फ़ बिपिन मारा गया।
कैसे हुई मुठभेड़?
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि CPI (Maoist) संगठन का शीर्ष नक्सली वफर हलांका अपने साथियों के साथ गोरलुंग-जगुनडीह इलाके में बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इसके बाद चाईबासा पुलिस और कोबरा 209 बटालियन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया।
सुबह करीब 5:45 बजे गोरलुंग थाना क्षेत्र के रेलवे पटरियों के पास माओवादी दस्ते को देखते ही सुरक्षाबलों ने घेराबंदी कर जवाबी कार्रवाई की। गोलीबारी में वफर हलांका मारा गया। मौके से एक रायफल, कारतूस और कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गईं।
कौन था वफर हलांका?
वफर हलांका पश्चिमी सिंहभूम का कुख्यात माओवादी था। वह 2014 में चाईबासा जेल ब्रेक कांड में शामिल था। सरायकेला और चाईबासा जिलों में पुलिसकर्मियों की हत्याओं और बड़े हमलों का मास्टरमाइंड रहा। उसके खिलाफ झारखंड के विभिन्न जिलों में दर्जनों मामले दर्ज थे।
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वफर हलांका संगठन का ज़ोनल कमेटी सदस्य था और लंबे समय से क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उन्होंने कहा कि इस सफलता से माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है।
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