Jamshedpur : 02 अक्टूबर को होगा दुर्गा प्रतिमा विसर्जन, उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनी रणनीति

  • पूजा समितियों ने जताई सहमति, सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने तैयारियां की पूरी
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और गोताखोर रहेंगे तैनात

जमशेदपुर : आगामी 02 अक्टूबर को निर्धारित मां दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर जिला प्रशासन ने विशेष बैठक आयोजित की। यह बैठक टाउन हॉल, सिदगोड़ा में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, सिटी एसपी कुमार शिवाशीष, एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) भगीरथ प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, उप नगर आयुक्त जेएनएसी, डीटीओ, धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ, डीएसपी और थाना प्रभारी समेत विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि दुर्गोत्सव पूरे जिले में हर्षोल्लास और सामाजिक समरसता के साथ मनाया जा रहा है और विसर्जन भी शांति और सुरक्षा के साथ सम्पन्न कराना प्रशासन और समितियों की साझा जिम्मेदारी है।

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प्रशासन और पूजा समितियों ने विसर्जन पर की विस्तृत चर्चा

बैठक में प्रशासन की ओर से बताया गया कि सभी विसर्जन घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की जा रही है। एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने कहा कि स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और 02 अक्टूबर को ओड़िशा स्थित ब्यांगबिल डैम से पानी छोड़े जाने की संभावना है। ऐसे में श्रद्धालुओं को विसर्जन के समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए एनडीआरएफ की टीमें बड़े घाटों पर तैनात रहेंगी। इसके अलावा नाव और कुशल गोताखोर भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। पूजा समितियों ने आश्वासन दिया कि वे निर्धारित समय और मार्ग के अनुसार ही विसर्जन कार्य करेंगे।

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स्वर्णरेखा नदी के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क

बैठक में सिटी एसपी कुमार शिवाशीष ने सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए कई दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को 02 अक्टूबर की सुबह फ्लैग मार्च कराने और विसर्जन मार्ग की ड्रोन निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विसर्जन मार्ग में किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री नहीं रहनी चाहिए। जिन पंडालों में ऊंची प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां प्रतिमा और घाटों के तोरणद्वार की ऊंचाई का मापन कर लिया जाए ताकि विसर्जन में कोई समस्या न हो। उन्होंने यह भी कहा कि विसर्जन जुलूस में शामिल वाहन फिटनेस प्रमाणपत्र युक्त और तकनीकी रूप से सही स्थिति में होने चाहिए।

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विसर्जन मार्ग की ड्रोन से निगरानी और फ्लैग मार्च के निर्देश

सिटी एसपी ने पूजा समितियों को निर्देश दिया कि वाहन चालक किसी भी स्थिति में नशे की हालत में वाहन न चलाएं। यदि किसी चालक या श्रद्धालु को नशे की हालत में पाया जाता है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने पूजा समितियों के वालंटियर्स को सक्रिय रहने और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करने की बात कही। उपायुक्त ने कहा कि आने वाले 36 घंटे बेहद अहम हैं और इस दौरान दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी अलर्ट मोड पर रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विसर्जन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है बल्कि सामूहिक सुरक्षा की दृष्टि से सभी समितियों का सहयोग अनिवार्य है। प्रशासन ने विश्वास जताया कि पूजा समितियां सजगता और जिम्मेदारी के साथ विसर्जन कार्य सम्पन्न करेंगी और पूरा आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में होगा।

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