जमशेदपुर: झारखंड सरकार की अधिकांश योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को लक्षित कर बनाई गई हैं। साथ ही, इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए झारखंड का निवासी होना भी अनिवार्य है। लेकिन हाल के अनुभवों से पता चलता है कि इन योजनाओं का लाभ अक्सर आर्थिक रूप से संपन्न वर्ग, सरकारी कर्मचारियों के परिजन और रिश्तेदार ले रहे हैं। यह सब कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत या अनदेखी के कारण हो रहा है। वहीं, वास्तविक जरूरतमंद लोग आज भी योजनाओं का लाभ पाने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर लगा रहे हैं।
ऐसा ही एक मामला जमशेदपुर प्रखंड क्षेत्र के पश्चिमी किताडीह पंचायत में सामने आया है। यहां सरकारी सेवा में रहे एक कर्मचारी का पूरा परिवार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और मैया सम्मान योजना का लाभ उठा रहा है। हालांकि अब उक्त कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है। इस मामले की शिकायत जिले के उपायुक्त और प्रखंड विकास पदाधिकारी से की गई है।
शिकायत के अनुसार, पश्चिमी किताडीह पंचायत के मुईगुटू में रहने वाले जिला मलेरिया नियंत्रण इकाई के पूर्व कर्मचारी माइकल कच्छप की पत्नी, बेटी और रिश्तेदार सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी हैं। माइकल कच्छप की पत्नी एलिस कच्छप सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ ले रही हैं, जबकि उनकी बेटी कीर्ति कच्छप और ज्योति कच्छप मैया सम्मान योजना के तहत लाभांवित हैं।
इसके अलावा, माइकल कच्छप का परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पीएच कार्डधारी है और हर माह निःशुल्क राशन ले रहा है। शिकायत में उसी ग्राम के रहने वाले प्रदीप सोय की पत्नी सुमिति सोय को भी मैया सम्मान योजना का लाभार्थी बताया गया है, जबकि प्रदीप सोय एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और उनका पीएफ कटता है तथा ईएसआई से लाभांवित हैं।
बताया जाता है कि इस तरह के कई मामले हैं, जहां सरकारी कर्मचारी, स्थानीय मुखिया या पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से अपात्र होने के बावजूद लोग योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। कई मामलों में एक ही महिला अपने आधार कार्ड में उम्र बढ़ाकर दो-दो लाभ ले रही है। शिकायत में दीपक देवी नामक महिला को इसका उदाहरण बताया गया है। उनके आधार विवरण में दो अलग-अलग जन्मतिथियां दर्ज हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने दो लाभ प्राप्त किए हैं।
प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस संबंध में शिकायत पर कार्रवाई के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
किसे मिलेगा मैया सम्मान योजना का लाभ:
झारखंड की “मैया सम्मान योजना” का लाभ केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को मिलता है। योजना उन महिलाओं के लिए नहीं है जो पहले से ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ ले रही हैं या जिनकी आर्थिक स्थिति मजबूत है। योजना के लिए झारखंड का निवासी होना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना आवश्यक है।
योजना का लाभ किसे नहीं मिल सकता:
आर्थिक रूप से संपन्न महिलाएं: योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए है।
अन्य सरकारी योजनाओं की लाभार्थी: यदि कोई महिला पहले से किसी अन्य सरकारी योजना से लाभ ले रही है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं है।
झारखंड की निवासी न होने वाली महिलाएं: योजना केवल झारखंड की महिलाओं के लिए लागू है।




















































