- विश्व स्तर पर उत्कृष्ट जनसेवा के लिए टाटा नगर भूक्ति के रिलीफ कोऑर्डिनेटर को सम्मानित किया गया
- सुनील आनंद और टीम के जनसेवा प्रयास समाज में मिसाल
- आनंद मार्ग में जनसेवा को मिला अंतरराष्ट्रीय मान्यता
- जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान की मिली वैश्विक पहचान
जमशेदपुर : आनंद मार्ग प्रचारक संघ टाटा नगर भूक्ति के रिलीफ कोऑर्डिनेटर सुनील आनंद को हाल ही में विश्व स्तरीय धर्म महासम्मेलन में जनसेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह आनंद मार्ग के इतिहास में पहली बार है जब एक ही व्यक्ति को लगातार आठवीं बार इस सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर आनंद मार्ग के सभी अनुयायियों ने गुरु के चरणों में आध्यात्मिक भाव से इस पुरस्कार को समर्पित किया और परमात्मा से प्रार्थना की कि भविष्य में भी ऐसे सम्मान प्राप्त करने की शक्ति प्रदान करें। विश्व स्तरीय धर्म महासम्मेलन आनंद नगर, पुरुलिया जिले में आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम और जनसेवा गतिविधियों पर चर्चा हुई। सुनील आनंद को श्रद्धेय पुरोधा प्रमुख आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत के हाथों पुरस्कार प्रदान किया गया।
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सुनील आनंद को आठवीं बार जनसेवा पुरस्कार
पुरस्कार का चयन संस्था की वार्षिक रिपोर्ट के आधार पर किया गया। इसमें सुनील आनंद द्वारा किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशन, रक्तदान शिविर, डायन प्रथा और बलि प्रथा विरोधी कार्य, पर्यावरण संरक्षण और नव्य मानवतावादी सिद्धांत आधारित गतिविधियों को ध्यान में रखा गया। सुनील आनंद इससे पहले 2017, 2019, 2020, 2022, 2023, 2023 (5 जून), 2024 में भी जनसेवा पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इस बार 1 जनवरी 2026 को उन्हें आठवीं बार यह सम्मान मिला। उनका यह लगातार आठवां पुरस्कार आनंद मार्ग और उनके अनुयायियों के लिए गर्व का विषय है।
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सुनील आनंद की लगातार आठवीं बार अंतरराष्ट्रीय सराहना
सुनील आनंद और उनकी टीम ने जनवरी 25 से 29 तक के अवधि में कई जनसेवा गतिविधियों को संपन्न किया। इनमें मोतियाबिंद जांच शिविर और निशुल्क लेंस प्रत्यारोपण 65 कैंप में आयोजित किए गए, जिसमें कुल 1,000 लाभार्थी शामिल हुए। रक्तदान शिविर में लगभग 1,000 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इसके अलावा 3,000 पौधे और 5,000 बीजबॉल निशुल्क वितरित किए गए। 300 कंबल, 200 साड़ी और धोती, 15 ओट कटा तालुकटा बच्चों के ऑपरेशन और देहात क्षेत्र में 24 मोबाइल नारायण सेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस पुरस्कार ने न केवल सुनील आनंद के योगदान को मान्यता दी बल्कि पूरे आनंद मार्ग के अनुयायियों में उत्साह और प्रेरणा का संचार किया है।