जमशेदपुर : श्रीलेदर्स के पार्टनर सह वरिष्ठ समाजसेवी शेखर डे ने कहा कि श्रीलेदर्स परिवार के लिए जमशेदपुर शहर हमेशा प्रथम और सर्वोपरि रहा है। उन्होंने बताया कि उनका पूरा परिवार इसी शहर में पला-बढ़ा और यहीं से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि जिस तरह टाटा स्टील की शुरुआत भी जमशेदपुर से हुई, उसी तरह श्रीलेदर्स ने भी यहीं से अपनी यात्रा शुरू कर आज राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है।
मंगलवार को श्रीलेदर्स ने अपने दूरदर्शी संस्थापक सुरेश चंद्र डे का 115 वें फाउंडर्स डे बिष्टुपुर के रोड स्थित शोरूम में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थापक के योगदान, उनके आदर्शों और मूल्यों को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया। करीब 74 वर्ष पूर्व, स्वतंत्रता सेनानी एवं दूरदर्शी सुरेश चंद्र डे ने इस संस्थान की नींव रखी थी। उनका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि समाज के समग्र कल्याण के लिए समर्पित रहना था। उनकी मेहनत, ईमानदारी और स्पष्ट सोच ने ही श्रीलेदर्स को एक मजबूत पहचान दिलाई।
वर्ष 1952 में जमशेदपुर से एक छोटे शोरूम के रूप में शुरू हुआ यह सफर आज पूरे भारत में विस्तार कर चुका है और विदेशों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
कार्यक्रम में श्रीलेदर्स की पार्टनर ज्योत्सना डे एवं सुशांतो डे के अलावा सुभाष संस्कृति परिषद के सचिव सुरोजित चटर्जी, द मिलानी बिष्टुपुर की सदस्य प्रीतिलेखा रॉय, समाजसेवी अल्पना भट्टाचार्जी, झारखंड बंगाली समिति की झरना कर, पी.के. नंदी और बिमल चक्रवर्ती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रीलेदर्स के कर्मचारियों और शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लिया और संस्थापक के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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