जमशेदपुर : झारखंड ब्राह्मण शक्ति संघ के केन्द्रीय अध्यक्ष डॉ पवन पांडेय ने बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी, शाहपुर निवासी नवयुवक भरत भूषण तिवारी के एन्काउंटर पर गंभीर सवाल खड़े किया। उन्होंने कहा कि युवक के आत्मसमर्पण के उपरांत उसकी गोली मारकर नृशंस हत्या करना हृदय विदारक है। लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया भरत तिवारी की निर्मम हत्या पर संज्ञान लेते हुये हत्यारी बनी पुलिस के खिलाफ तत्काल उच्च स्तरीय जांचकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करें। ताकि समाज में गलत संदेश ना जाय। साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आग्रह किया कि हत्यारों (पुलिस वालों ) को तत्काल प्रभाव से 48 घंटे के भीतर जेल भेजकर बिहार में सुशासन होने का परिचय दें। युवाओं को अपराधीकरण से बचाना सरकार का परम कर्तव्य होना चाहिए। अगर भरत तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था (जो उसके वीडियो से स्पष्ट है), तो उसे खूंखार अपराधियों की तरह गोली मार देना न्याय का द्योतक नहीं है। उसे हिरासत में लेकर न्यायसंगत कार्रवाई करनी चाहिए थी। किसी मां से उसके बच्चे को इस प्रकार जानबुझ कर छीन लेना सरकार के न्याय व्यवस्था को कलंकित करता है। साथ ही यह पुलिस की कुत्सित, घृणित और विद्वेषपूर्ण मानसिकता को भी दर्शाता है जिससे सरकार की बदनामी हो रही है। उन्होंने कहा कि इस निंदनीय कृत्य को केवल एक ब्राह्मण समाज के व्यक्ति पर घटित घटना से जोडकर नहीं देखना चाहिए। जाति, पाती व मजहब से उपर उठकर न्याय संगत कारवाई होनी चाहिए। ताकि भविष्य में रक्षा कि ज़िम्मेदारी संभालने वाले रक्षक भक्षक बनने से पहले हजार बार सोचें। नहीं तो वर्दी कि आड में अपराधियों जैसा व्यवहार पुरे समाज के लिए अभिशाप बन जायेगा।
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