बहरागोड़ा : तीन राज्य झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र ऐतिहासिक बाबा चित्रेश्वर धाम इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा के कारण बदहाली के आंसू रो रहा है, जहाँ मुख्य प्रवेश द्वार से मंदिर तक जाने वाली एकमात्र सड़क पूरी तरह कीचड़ और जलजमाव के कारण दलदल में तब्दील हो चुकी है। इस जर्जर व जानलेवा मार्ग के कारण यहाँ आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कदम-कदम पर फिसलने के डर और भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। कुछ ही दिनों में पवित्र श्रावण मास शुरू होने वाला है, जिसमें हजारों की संख्या में शिवभक्त यहाँ बाबा का जलाभिषेक करने आते हैं, जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब पूरे देश में धार्मिक स्थलों के विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तब इस प्राचीन शिवधाम की बुनियादी सुविधाओं की इतनी घोर अनदेखी क्यों की जा रही है? उन्होंने जिला प्रशासन से चेतावनी भरे लहजे में मांग की है कि श्रावणी मेले से पहले इस मार्ग का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए।
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