Jamshedpur : जमशेदपुर को औद्योगिक नगरी से अपराध नगरी बना रही है हेमंत सरकार, पुलिस जनता की सुरक्षा नहीं बल्कि वसूली में व्यस्त है : भानु प्रताप शाही 

जमशेदपुर : भाजपा जमशेदपुर महानगर की ओर से साकची स्थित जिला भाजपा कार्यालय में शहर में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ते अपराध, आम नागरिकों की सुरक्षा पमंडराते खतरे और प्रशासनिक विफलता को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में कानून का राज पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे पुलिस की मौजूदगी में भी हत्या जैसी वारदात को अंजाम दे रहे हैं। प्रेस वार्ता में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, जिला प्रभारी बबन गुप्ता, जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जिला मीडिया प्रभारी प्रेम झा मौजूद रहे। भानु प्रताप शाही ने कहा कि जमशेदपुर हमेशा से शांति, सौहार्द और भाईचारे का शहर रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह शहर अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। उन्होंने बिष्टुपुर में हुई हिमांशु सिंह की हत्या को साधारण घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता और पुलिस संरक्षण में हुई जघन्य हत्या करार दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस वाहन के पास से एक युवक को खींचकर अपराधियों द्वारा चाकू से गोदकर मौत के घाट उतार दिया जाना इस बात का प्रमाण है कि अपराधियों के मन में कानून का कोई भय नहीं बचा है। भाजपा का मानना है कि जितना दोषी चाकू चलाने वाले अपराधी हैं, उतने ही दोषी वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और जवान भी हैं, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। भानु प्रताप शाही ने मांग करते हुए कहा कि हिमांशु सिंह हत्याकांड में शामिल अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और उन्हें फांसी की सजा दी जाए। साथ ही, जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की मौजूदगी सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रही है, उनके विरुद्ध भी भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा समान रूप से कठोर दंड दिया जाए। उन्होंने कहा कि हिमांशु सिंह की मौत के बाद भी दूसरा युवक प्रत्युष कुमार जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है, लेकिन पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता और लापरवाही ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि घायल युवकों को समय पर सुरक्षा और चिकित्सकीय सहायता तक उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण एक होनहार युवक की जान चली गई। भानु प्रताप शाही ने कहा कि बीते तीन-चार महीनों में जमशेदपुर में अपराध की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। हत्या, चाकूबाजी, चापड़बाजी, लूट, डकैती, चोरी और महिलाओं से चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि आज शहर की महिलाएं भय के कारण अपने गहने घर में छोड़कर बाहर निकलने को मजबूर हैं, जो कानून-व्यवस्था की भयावह स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा छोड़कर वाहन जांच के नाम पर प्रतिदिन करोड़ों रुपये की वसूली में लगा हुआ है। उनका कहना था कि जमशेदपुर में लगभग 2800 पुलिसकर्मियों की स्वीकृत संख्या के विरुद्ध मात्र 1600 जवान कार्यरत हैं, जिनमें से 500 से अधिक को प्रतिदिन ट्रैफिक जांच में लगाया जाता है, जबकि यह कार्य सीसीटीवी और ऑनलाइन चालान व्यवस्था के माध्यम से भी किया जा सकता है। भानु प्रताप शाही ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वाहन जांच के नाम पर होने वाली वसूली का बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है और यही कारण है कि पुलिस अपराध नियंत्रण छोड़कर राजस्व और अवैध कमाई के तंत्र का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस जनता की रक्षा के बजाय धन उगाही में व्यस्त होगी, तब अपराधियों का मनोबल स्वाभाविक रूप से बढ़ेगा और कानून-व्यवस्था ध्वस्त होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि आखिर औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को अपराध नगरी में क्यों बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और पुलिस जनता को सुरक्षा नहीं दे सकती, तो उन्हें सत्ता और पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वहीं, प्रेस वार्ता में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता को सुरक्षा उपलब्ध कराना और कानून का राज स्थापित करना होता है, लेकिन वर्तमान सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। पूर्णिमा साहू ने कहा कि जिस प्रकार से पूरे झारखंड और विशेषकर जमशेदपुर में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, वह बेहद चिंताजनक और भयावह स्थिति है। आए दिन चापड़बाजी, गोलीबारी, लूट, छिनतई और अन्य आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। यहां तक कि स्कूलों में बच्चे चापड़ और कट्टा लेकर पहुंच रहे हैं, जो समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक समय जमशेदपुर को क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी और पीस सिटी के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज अपराध और भय का वातावरण इस पहचान को धूमिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर सरकार का प्रभावी नियंत्रण और अपराधियों पर प्रशासन की सख्ती आवश्यक होती है, लेकिन वर्तमान में सरकार केवल आम जनता में भय पैदा करने का काम कर रही है, जबकि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं बचा है। जब तक अपराध पर कठोर नियंत्रण स्थापित नहीं होगा, तब तक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि भाजपा लगातार कानून-व्यवस्था के मुद्दे को उठाती रही है। अपहरण की बढ़ती घटनाओं को लेकर पार्टी ने पूर्व में एसएसपी कार्यालय का घेराव किया था और ट्रैफिक जांच एवं अवैध वसूली के मुद्दे को भी प्रमुखता से लगातार उठाया है। बिस्टुपुर की घटना पर पार्टी जल्द ही एसएसपी से मुलाकात करेगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करेगी।

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