पीएम मॉल के पास चोरी की स्कूटी के साथ पकड़े गए दो संदिग्धों से पूछताछ के बाद बागबेड़ा, पोटका और कोवाली में पुलिस ने की छापेमारी
जुबली पार्क, नेचर पार्क समेत भीड़भाड़ वाले इलाकों से करते थे वाहनों की चोरी
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और चोरी के वाहनों की बरामदगी को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुल 21 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। इस मामले में गिरोह से जुड़े आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर के निर्देश पर जिले में वाहन चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में 21 सितंबर 2026 की रात करीब 11 बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के पीएम मॉल के पास दो व्यक्ति चोरी की स्कूटी के साथ घूम रहे हैं और वाहन चोरी की किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) की निगरानी तथा पुलिस उपाधीक्षक (सीसीआर) के नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीएम मॉल के पास स्कूटी सवार दोनों संदिग्धों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से चोरी की स्कूटी बरामद की गई।
पूछताछ में दोनों संदिग्धों ने पुलिस के समक्ष स्कूटी चोरी की होने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने दोनों से मिली जानकारी और उनकी निशानदेही के आधार पर बागबेड़ा, पोटका और कोवाली थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी शुरू की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से कुल 21 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए और वाहन चोरी की घटनाओं में शामिल कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया।
जुबली और नेचर पार्क समेत कई जगहों से करते थे चोरी
पुलिस जांच में गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में यह जानकारी सामने आई है कि गिरोह द्वारा बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों को वाहन चोरी के लिए निशाना बनाया जाता था। जुबली पार्क, नेचर पार्क, पीएम मॉल, नॉर्थ पार्किंग एरिया समेत अन्य स्थानों से दोपहिया वाहनों की चोरी किए जाने की बात अनुसंधान के दौरान सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, चोरी किए गए वाहनों की पहचान छिपाने के लिए उनके रजिस्ट्रेशन नंबर और नंबर प्लेट में बदलाव किया जाता था। इसके बाद इन चोरी के वाहनों को जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा सीमावर्ती राज्य ओडिशा के विभिन्न गांवों में बेच दिए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।
कई वाहन चोरी के मामलों का हो सकता है उद्भेदन
आरोपियों की निशानदेही पर हुई बरामदगी के बाद पुलिस को विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज कई वाहन चोरी के मामलों के उद्भेदन में सफलता मिली है। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से वाहन चोरी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
फिलहाल बरामद सभी वाहनों के इंजन और चेचिस नंबर के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन नंबर का सत्यापन कराया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपस में क्या संबंध हैं, चोरी किए गए वाहनों की खरीद-बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल हैं और इस पूरे नेटवर्क में अन्य किन व्यक्तियों की भूमिका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ वाहन चोरी की अन्य घटनाओं और गिरोह से जुड़े और लोगों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की संभावना है।
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