रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दिखाई हरी झंडी
विधायक सरयू राय ने ट्रेनों की लेटलतीफी पर जताई नाराजगी, सुधार नहीं होने पर हाईकोर्ट जाने की दी चेतावनी
जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर और आसपास के रेल यात्रियों को सोमवार को रेलवे की ओर से बड़ी सौगात मिली। संतरागाछी से टाटानगर होते हुए राजस्थान के खातीपुरा (जयपुर) तक चलने वाली नई एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की गई। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि टाटानगर स्टेशन पर जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा के लिए रवाना किया। इस मौके पर रेलवे के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। संतरागाछी में भी उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
लंबे समय से टाटानगर के रास्ते जयपुर के लिए सीधी रेल सेवा की मांग की जा रही थी। नई ट्रेन की शुरुआत से जमशेदपुर, चांडिल, पुरुलिया, रांची और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राजस्थान की यात्रा के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। खासकर व्यापार, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से राजस्थान जाने वाले यात्रियों को इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। नई रेल सेवा को झारखंड और आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
लंबे इंतजार के बाद यात्रियों को मिली नई रेल सेवा
टाटानगर रेलवे स्टेशन दक्षिण पूर्व रेलवे के महत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री झारखंड के विभिन्न शहरों के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और देश के अन्य हिस्सों की यात्रा करते हैं। राजस्थान जाने वाले यात्रियों को भी नियमित रूप से रेल यात्रा की जरूरत पड़ती है। ऐसे में टाटानगर के रास्ते खातीपुरा तक नई ट्रेन की शुरुआत को यात्रियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है।
अब तक यात्रियों को जयपुर और राजस्थान के अन्य शहरों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध रेल सेवाओं के समय और मार्ग के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनानी पड़ती थी। नई ट्रेन शुरू होने से उन्हें एक और विकल्प मिलेगा। इससे यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ट्रेन के सप्ताह में एक दिन चलने के कारण यात्रियों को प्रस्थान की निर्धारित तिथि और समय की जानकारी लेकर ही यात्रा की योजना बनानी होगी।
रेलवे की ओर से नई ट्रेन के संचालन को लेकर यात्रियों में उत्साह देखा गया। टाटानगर स्टेशन पर उद्घाटन के दौरान नई रेल सेवा को लेकर लोगों ने खुशी जाहिर की। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस तरह की और रेल सेवाएं शुरू होंगी, जिससे टाटानगर से देश के प्रमुख शहरों के लिए सीधी कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
सांसद विद्युत वरण महतो ने जताई खुशी
टाटानगर स्टेशन पर नई ट्रेन को रवाना करने के बाद सांसद विद्युत वरण महतो ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि रेलवे के नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। नई रेल सेवाओं की शुरुआत के साथ-साथ रेल लाइनों के विकास, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है।
उन्होंने नई ट्रेन की शुरुआत को क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, टाटानगर के रास्ते जयपुर तक रेल सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा होगी।
सांसद ने उम्मीद जताई कि रेलवे भविष्य में भी क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई ट्रेनों के संचालन और यात्री सुविधाओं के विस्तार पर ध्यान देगा। जमशेदपुर औद्योगिक नगरी होने के कारण यहां से व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों का देश के विभिन्न हिस्सों में आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में नई रेल सेवाओं का विस्तार क्षेत्र की जरूरत है।
संतरागाछी में भी आयोजित हुआ उद्घाटन कार्यक्रम
नई ट्रेन की शुरुआत के अवसर पर संतरागाछी में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। ट्रेन को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाई। वहीं, टाटानगर में सांसद विद्युत वरण महतो ने ट्रेन को रवाना किया। संतरागाछी के कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी की भी जानकारी सामने आई।
इस नई सेवा के शुरू होने से पश्चिम बंगाल, झारखंड और राजस्थान के बीच रेल संपर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। संतरागाछी से शुरू होकर टाटानगर के रास्ते जयपुर पहुंचने वाली यह ट्रेन कई प्रमुख स्टेशनों को जोड़ती है। इससे रास्ते में पड़ने वाले क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिल सकता है।
ट्रेनों की लेटलतीफी पर सरयू राय ने जताई नाराजगी
एक ओर नई ट्रेन की शुरुआत को लेकर खुशी का माहौल रहा, वहीं दूसरी ओर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने ट्रेनों के लगातार विलंब से चलने पर रेल प्रबंधन के प्रति नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। इससे उनकी आगे की यात्रा, कामकाज और अन्य जरूरी कार्यक्रम भी प्रभावित होते हैं।
सरयू राय ने रेल प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि ट्रेनों के समय पर परिचालन की समस्या का गंभीरता से समाधान नहीं किया गया, तो वह इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि रेलवे की जिम्मेदारी केवल नई ट्रेनें शुरू करना ही नहीं, बल्कि मौजूदा ट्रेनों का परिचालन समय पर सुनिश्चित करना भी है।
उन्होंने इस मुद्दे को लेकर पहले भी धरना-प्रदर्शन के माध्यम से यात्रियों की समस्याओं को उठाया है। सोमवार को उन्होंने चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) से सीधे बातचीत कर ट्रेनों के समय पर परिचालन की मांग की। उन्होंने रेल प्रबंधन से इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने को कहा।
विधायक ने कहा कि ट्रेन के निर्धारित समय पर नहीं चलने से आम यात्रियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी होती है। यात्रियों को स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार ट्रेन की देरी के कारण उन्हें दूसरी ट्रेन, बस या अन्य परिवहन साधनों से जुड़ी योजनाओं में भी बदलाव करना पड़ता है। ऐसे में रेलवे को परिचालन व्यवस्था की समीक्षा कर ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार करना चाहिए।
नई ट्रेन का स्वागत, लेकिन समयबद्ध परिचालन भी जरूरी
सरयू राय ने नई ट्रेन की शुरुआत पर संतोष जताते हुए कहा कि राजस्थान के लिए नई रेल सेवा मिलने से यात्रियों को सुविधा होगी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि नई ट्रेनों की शुरुआत के साथ-साथ रेलवे को पहले से चल रही ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने पर भी समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
यात्रियों की अपेक्षा है कि रेलवे नई सेवाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ मौजूदा परिचालन व्यवस्था को भी बेहतर बनाए। खासकर टाटानगर और चक्रधरपुर मंडल से होकर गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के समय पर संचालन से यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
नई ट्रेन के उद्घाटन के दिन ही लेटलतीफी का मुद्दा उठने से रेलवे के सामने दोहरी चुनौती भी सामने आई है। एक तरफ नई रेल सेवाओं का विस्तार करना है, तो दूसरी ओर यात्रियों को समयबद्ध और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करानी है।
लगभग 1,677 किलोमीटर की दूरी तय करेगी ट्रेन
संतरागाछी से खातीपुरा (जयपुर) के बीच चलने वाली नई ट्रेन लगभग 1,677 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। इसके मार्ग में टाटानगर सहित झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल हैं। ट्रेन चांडिल जंक्शन, पुरुलिया जंक्शन, मुरी, रांची, लोहरदगा, टोरी, लातेहार, बरवाडीह, डालटनगंज, गढ़वा रोड, जपला, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, मिर्जापुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कानपुर सेंट्रल, टुंडला, आगरा, बांदीकुई और दौसा सहित विभिन्न स्टेशनों से होकर गुजरेगी।
इस लंबे रेल मार्ग के कारण झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राजस्थान तक पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। मार्ग में कई प्रमुख शहरों और जंक्शनों के शामिल होने से अलग-अलग स्थानों के यात्रियों को भी इस सेवा का लाभ मिल सकता है।
रेलवे की इस पहल से टाटानगर की रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सप्ताह में एक दिन चलने वाली इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को संतरागाछी, टाटानगर और जयपुर के बीच यात्रा का नया विकल्प उपलब्ध होगा। अब यात्रियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि भविष्य में इस सेवा की आवृत्ति बढ़ाने और अन्य प्रमुख शहरों के लिए नई ट्रेनें शुरू करने की दिशा में रेलवे क्या कदम उठाता है।
रेल यात्रियों की बढ़ीं उम्मीदें
टाटानगर से जयपुर के लिए नई ट्रेन की शुरुआत जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। लंबे समय से नई रेल सेवाओं की मांग कर रहे यात्रियों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर उठाए गए सवालों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के साथ समय पर यात्रा पूरी करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, सोमवार को टाटानगर से नई ट्रेन का रवाना होना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण रेल उपलब्धि रही। अब यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे नई सेवाओं के विस्तार के साथ परिचालन व्यवस्था में भी सुधार करेगा, ताकि उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध रेल यात्रा का लाभ मिल सके।
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