खड़गपुर : रेलकर्मी की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल में संभावित रेल परिचालन संकट टल गया। संतरागाछी-अमता रेलखंड पर ओवरहेड उपकरण (ओएचई) में खराबी का पता चलने पर तत्काल सूचना देकर ट्रेनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था करने वाले ट्रैक मेंटेनर-III रवींद्रनाथ कुंडू को मंगलवार को सम्मानित किया गया। खड़गपुर मंडल के डीआरएम ललित मोहन पांडेय ने उन्हें नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
घटना 16 अगस्त की रात करीब 9:45 बजे की है। कुंडू उस समय इंजीनियरिंग गेट संख्या HA-04 पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने किलोमीटर संख्या HA 7/10 के पास हथौड़े जैसी असामान्य आवाज सुनाई देने और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दी। सूचना मिलते ही कुंडू ने ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर को सतर्क किया और मौके की जांच पूरी होने तक संबंधित रेलखंड में ट्रेनों का परिचालन रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की।
जांच के दौरान पता चला कि किलोमीटर संख्या HA 7/10 पर ओएचई का ऑटोमैटिक टेंशनिंग डिवाइस (एटीडी) का काउंटरवेट जमीन पर गिरा हुआ था। वहीं, HA 7/18-19 के पास ओएचई का तार टूटा मिला। समय रहते स्थिति की जानकारी मिलने से संभावित परिचालन बाधा और सुरक्षा जोखिम से निपटने में मदद मिली।
कुंडू की इस सतर्कता और जिम्मेदारी को देखते हुए डीआरएम ललित मोहन पांडेय ने 27 अक्टूबर को खड़गपुर स्थित डीआरएम कॉन्फ्रेंस रूम में उन्हें सम्मानित किया। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की सजगता और त्वरित निर्णय रेल परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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