जमशेदपुर : जापान में आयोजित 5वें एशियन पैरा गेम्स में बैडमिंटन की महिला सिंगल्स एसएल-3 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली झारखंड की बेटी संजना कुमारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री से पहली बार मिलने की सोचकर वह थोड़ी नर्वस भी हैं। 23 वर्षीय संजना 5 नवंबर को नई दिल्ली में भारतीय एशियन पैरा गेम्स दल के खिलाड़ियों के साथ प्रधानमंत्री से मुलाकात करेंगी।
संजना कुमारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहली बार मिलने पर वह क्या कहेंगी, इसे लेकर उनके मन में उत्सुकता और घबराहट दोनों है । उन्होंने बताया कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह प्रधानमंत्री को अपने हाथों से तैयार किया गया उपहार भेंट करेंगी। इसके साथ ही वह उनसे पैरा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सहयोग की अपील भी करेंगी। संजना ने झारखंड सरकार से भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि हासिल करने वाले पैरा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने और सहयोग देने की मांग की है।
संजना कुमारी ने जापान में सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ ही उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम की थीं । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी संजना की इस उपलब्धि पर बधाई दी थी। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में महिला सिंगल्स एसएल-3 पैरा बैडमिंटन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर संजना की सराहना की गई थी। प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन पर गर्व जताते हुए भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद व्यक्त की थी।
वहीं पैरा बैडमिंटन इंडिया के चेयरमैन के. प्रभाकर राव ने संजना के संघर्ष, मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि फाइनल में जगह नहीं बना पाने के बावजूद संजना में आगे बेहतर प्रदर्शन करने की पूरी क्षमता है। उन्हें विश्वास है कि संजना अगले पैरा ओलंपिक खेलों में पदक जीत सकती हैं। उन्होंने बेहतर प्रशिक्षण के लिए हरसंभव सहायता का भरोसा भी दिया।
श्री राव ने संजना के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि वर्ष 2021 में जब वह पहली बार बैडमिंटन सीखने आई थीं, तब उन्हें जूते के फीते बांधने में भी परेशानी होती थी। उन्होंने खुद संजना के जूते के फीते बांधे और उसे खेल जारी रखने के लिए प्रेरित किया। राव के अनुसार, संजना ने अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद लगातार मेहनत कर खुद को बेहतर बनाया।
झारखंड के लोहरदगा जिले की रहने वाली संजना कुमारी को बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ ईस्ट सिंहभूम की ओर से आयोजित समारोह में भी सम्मानित किया गया है । एसोसिएशन ने राज्य और देश का नाम रोशन करने के लिए उन्हें 21 हजार रुपये की नकद राशि भी प्रदान की। समारोह की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष रूपेश कटियार ने की।
उन्होंने संजना की उपलब्धि को बड़ी प्रेरणा बताते हुए टाटा स्टील बैडमिंटन सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों से कहा कि जब संजना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकती हैं, तो दूसरे खिलाड़ी भी मेहनत और अनुशासन के दम पर अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से नियमित अभ्यास और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखने की अपील की।
संजना कुमारी के पिता रतन कुमार, जो पूर्व सैनिक हैं, ने कहा कि एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीतने के बावजूद अब तक झारखंड सरकार की ओर से उनकी बेटी को बधाई या कोई सहयोग नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने अपने पैसे से बेटी के प्रशिक्षण का खर्च उठाया। रतन कुमार ने कहा कि यदि सरकार की ओर से बेटी की उपलब्धि की सराहना की जाती और उसे सहयोग मिलता, तो इससे उसका मनोबल और बढ़ता। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि झारखंड सरकार आगे संजना को सहयोग जरूर करेगी ।
संजना को बचपन से ही बाएं हाथ और पैर में शारीरिक परेशानी रही है। इसके बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। कार्यक्रम में टाटा स्टील के चीफ (स्पोर्ट्स) मुकुल विनायक चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ ईस्ट सिंहभूम के महासचिव रंजय राय, उपाध्यक्ष अरुण सिंह और टाटा स्टील बैडमिंटन के मुख्य कोच विवेक शर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
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