पटना: बिहार राज्य आंगनवाड़ी कर्मचारी यूनियन के मीडिया प्रभारी और भाजपा शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी जय प्रकाश पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने आंगनवाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ता और महिला सुपरवाइजरों को “ठगने का काम” किया है। पांडेय ने कहा कि ये महिलाएं पिछले लगभग 50 वर्षों से मानदेय पर काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित वेतनमान और सुविधाएं नहीं दी गईं। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद सरकार ने इन महिला कर्मियों को उचित अधिकारों से वंचित रखा है।
महिलाओं में बढ़ता आक्रोश, चुनाव पर असर का दावा
पांडेय ने कहा कि बिहार सहित कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, और सरकार की इस नीति से महिलाओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने दावा किया कि इसका असर आने वाले चुनावों में साफ दिखेगा। उनके अनुसार, देश में लगभग 28 लाख आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें करीब 56 लाख सेविका-सहायिका और 20 लाख से अधिक आशा एवं महिला सुपरवाइजर कार्यरत हैं। ये सभी सरकार की नीतियों से नाराज़ हैं।
सरकार की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार
पांडेय ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकारों की नीतियां ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर कई बार प्रधानमंत्री और राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
There is no ads to display, Please add some





















































