चाईबासा: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा अपने दस्तों के साथ सारंडा एवं कोल्हान क्षेत्र में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए सक्रिय हैं. इस खतरे को देखते हुए चाईबासा पुलिस, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की विभिन्न इकाइयों ने संयुक्त रूप से बड़े पैमाने पर अभियान छेड़ा है.
विशेष अभियान के तहत कार्रवाई
गुप्त सूचना के आधार पर 4 मार्च 2025 से छोटानागरा एवं जराईकेला थाना क्षेत्र के सीमावर्ती जंगलों और पहाड़ियों में एक विशेष नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी.
विस्फोटक बरामद, बम निरोधक दस्ता सक्रिय
आज 2 अप्रैल 2025 को छोटानागरा थाना अंतर्गत वनग्राम रतनामाटी के पास जंगल में तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा पूर्व में लगाए गए एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) को बरामद किया. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बम निरोधक दस्ते की सहायता से उसी स्थान पर इस विस्फोटक को निष्क्रिय कर दिया गया.
संयुक्त बलों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
इस अभियान में चाईबासा जिला पुलिस, झारखंड जगुआर, कोबरा 203 एवं 209 बटालियन, तथा सीआरपीएफ की 26, 60, 134, 174, 193 और 197 बटालियन की टीमें शामिल रहीं. नक्सल विरोधी अभियान अभी जारी है और सुरक्षा बल क्षेत्र में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.
बरामदगी:
1 IED (विस्फोटक सामग्री)
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नक्सली गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी.
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