सरायकेला: झारखंड सरकार के मत्स्य विभाग की सहायक निदेशक दिव्या गुलाब बा का आगमन आज सरायकेला के सीतारामपुर जलाशय में हुआ। उन्होंने सीतारामपुर ग्राम मत्स्यजीवी सहयोग समिति द्वारा संचालित ‘आरएफएफ’ परियोजना का जायजा लिया और मत्स्य व हंस पालन की गतिविधियों की सराहना की।

निरीक्षण के दौरान निदेशक ने कहा कि मत्स्य पालन ग्रामीण क्षेत्र में एक स्थायी आजीविका का माध्यम बन सकता है। वहीं हंस पालन (बत्तख पालन) भी न केवल रोजगार का साधन है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक है। उन्होंने समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों को अनुकरणीय बताया।
निदेशक ने जलाशय में ‘केज कल्चर’ के अंतर्गत मछली पालन हेतु चल रहे निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया और इसे मत्स्य क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को नया व्यवसायिक अवसर मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान सरायकेला मत्स्य प्रसार पदाधिकारी राजकुमार तुरी, समिति अध्यक्ष डॉ. टुडू, सचिव चरण हांसदा, आकाश रंजन, मिठु हेम्ब्रम सहित कई समिति सदस्य उपस्थित रहे।
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