गम्हरिया: आदिवासी भूमिज समाज की ओर से गम्हरिया प्रखंड के रापचा पंचायत अंतर्गत वीरध्वजपुर में धूमधाम से सरहुल महोत्सव मनाया गया. यह उत्सव समाज की पारंपरिक धरोहर को संजोने और अच्छे स्वास्थ्य, समृद्धि व खुशहाली के लिए मनाया जाता है. इस अवसर पर समाज के पुजारी (लाया) चंद्रमोहन सिंह और नरहरि सरदार ने जाहेरथान में पूजा अर्चना की और अच्छे फसल व लोगों की खुशहाली की कामना की.
प्रसाद और पारंपरिक नृत्य
पूजा के बाद, समाज के सदस्य उन्हें साल के फूलों का प्रसाद देने के लिए उपस्थित हुए. इसके साथ ही समाज के लोग पारंपरिक नृत्य करके इस अवसर को और भी भव्य बना रहे थे. यह नृत्य समाज की संस्कृति और परंपरा का प्रतीक था.
उत्सव में प्रमुख व्यक्ति की उपस्थिति
इस महोत्सव में पूर्व प्रमुख रामदास टुडू, राम हांसदा, कृष्णा बास्के, गौतम महतो, राजेश भगत, युधिष्ठिर सरदार, पागा सरदार, वृहस्पति सरदार समेत समाज के महिला-पुरुष और बच्चे उपस्थित थे. यह उत्सव समाज के लोगों के एकजुटता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बना.सरहुल महोत्सव ने समाज में भाईचारे, एकता और पारंपरिक मूल्यों को प्रकट किया. यह आयोजन आदिवासी संस्कृति को समर्पित था, जिसमें धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्रियाकलापों का मिश्रण था, जिसने समाज के हर वर्ग को एक साथ जोड़ा.
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