जमशेदपुर : पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में गोलमुरी स्थित केरला समाजम ऑडिटोरियम में एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। देशभक्ति, सम्मान और गौरव की भावना से ओत-प्रोत इस समारोह में लगभग 1000 लोगों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्वी सिंहभूम की विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू थीं। विशिष्ट अतिथियों के रूप में ब्रिगेडियर रणविजय सिंह, ब्रिगेडियर शेखावत तथा सोनारी आर्मी कैंप के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अद्वितीय साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया तथा पूर्व सैनिकों एवं वीर परिवारों के योगदान की सराहना की।
समारोह के दौरान वीर नारियों, शहीदों के परिजनों एवं पूर्व सैनिकों को अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृति-उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले व्यक्तियों में श्रीमती इमिलियानी (शहीद जॉन ऑगस्ट एक्का की धर्मपत्नी), मिला उरांव (शहीद बिरसा उरांव की धर्मपत्नी), वेटरन सहदेव महतो (सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर), गौरी देवी (शहीद मनोहर किंडो की धर्मपत्नी), पुष्पा देवी (शहीद सीआईएसएफ जवान की धर्मपत्नी),
सुनिता शर्मा (हवलदार मनोज कुमार की धर्मपत्नी), शोभा कुंकल (हवलदार मनोहर कुंकल की धर्मपत्नी), पी. पदमजा (नायब सूबेदार पी. श्रीनिवास राव की धर्मपत्नी), सविता कुमारी (सीपीओ संजीव कुमार की धर्मपत्नी), सीमा देवी (सिपाही संजय कुमार की धर्मपत्नी), प्रियंका शर्मा (सूबेदार प्रणय कुमार शर्मा की धर्मपत्नी), पूनम सिंह (हवलदार अंजय कुमार सिंह की धर्मपत्नी), शिवानी टुडू (नायक रवि सोरेन की धर्मपत्नी) तथा दुर्गावती देवी (सिपाही जितेन्द्र कुमार शर्मा की धर्मपत्नी) शामिल थीं।
समारोह में देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावशाली संचालन पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्वी सिंहभूम के जिला महामंत्री सुशील कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम के अंत में समारोह के संयोजक राजीव रंजन ने सभी अतिथियों, वीर परिवारों, पूर्व सैनिकों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक स्मरण दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, वीरता और बलिदान की अमर गाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रेरणादायी अवसर है।



















































