जमशेदपुर: जमशेदपुर में हर वर्ष की तरह इस बार भी डिमना से साकची आमबागान मैदान तक भव्य डहरे टुसु परब 4 जनवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर 30 नवम्बर को करम आँखड़ा कमिटी, बालिगुमा में तैयारी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता स्वतंत्रता सेनानी शहीद रघुनाथ महतो के वंशज भूपेन हिन्दोयार ने की।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस बार का परब पिछले वर्षों से और भी भव्य और व्यापक होगा। बैठक में बृहद झारखंड क्षेत्र से लाखों लोगों के जुटान की संभावना जताई गई।
बैठक में प्रमुख रूप से असित काडुआर, नेपाल महतो, सुधांशु महतो बनुआर, निर्मल महतो, दिलीप कुमार महतो, मंटू महतो, काकोली महतो, सोयोन महतो, भूपेन महतो, फूलचंद महतो, देवेंद्र महतो, प्रताप महतो, चन्दन महतो, मनोज महतो, दीपक रंजीत सहित कई अन्य सक्रिय सदस्य मौजूद थे।
इस वर्ष के मुख्य आकर्षण
13 महीने–13 परब की विशेष झांकी
छऊ नृत्य दल की सांस्कृतिक प्रस्तुति
1000 धोमसा वादकों की विशाल झांकी
2000 पीली साड़ी में सांस्कृतिक टीम की भव्य भागीदारी
टुसु परब, जो परंपरागत रूप से नदी-तालाब किनारे मनाया जाता था, अब सड़क (डहर) पर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को शहरों में पुनः स्थापित करना और इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना है।
आयोजन समिति ने सभी सांस्कृतिक दलों, स्वयंसेवकों और समुदाय के सदस्यों से सक्रिय भागीदारी करने का आग्रह किया है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर इस सांस्कृतिक महापर्व को सफल बनाएं।




















































