गुवा : बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य मार्ग पर बालाजी प्लांट से आगे स्थित लंबे समय से जर्जर पड़े पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। वर्षों से बदहाल स्थिति में पड़ा यह पुल कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि उसकी लोहे की सरिया बाहर निकल आई थी और बीच हिस्से में बड़ा छेद बन गया था, जिससे भारी वाहनों के आवागमन के दौरान दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।
बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त सड़क मार्ग माना जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, यात्री बसें, निजी वाहन तथा दोपहिया वाहन गुजरते हैं। लौह अयस्क परिवहन का प्रमुख रास्ता होने के कारण यहां चौबीसों घंटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में पुल की जर्जर स्थिति लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। पुल के कंक्रीट के कई हिस्से टूटकर बिखर चुके थे और लोहे की सरिया बाहर दिखाई देने लगी थी।
बीच में बने बड़े गड्ढे के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर पुल पार करना पड़ता था। स्थानीय ग्रामीण लगातार इसकी मरम्मत एवं पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे। बीते सप्ताह प्रशासनिक उदासीनता के बीच क्षेत्र की महिला समिति ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए श्रमदान कर पुल के बीच बने गड्ढे को भरने का कार्य किया था। उनकी इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हुई थी। लोगों का कहना था कि जब संबंधित विभाग कार्रवाई नहीं कर रहे थे, तब महिलाओं ने आगे बढ़कर संभावित दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास किया।
अब झारखंड सरकार द्वारा पुल निर्माण का कार्य पश्चिम बंगाल की आरसीपी एंड कंपनी को सौंपा गया है। सोमवार से जेसीबी मशीन की सहायता से खुदाई एवं अन्य प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और सामाजिक संगठनों में खुशी का माहौल है।ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का स्वागत करते हुए मांग की है कि गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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