जमशेदपुर: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त अनिकेत सचान ने की, जिसमें जिले भर के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाएं और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रत्येक कार्यदिवस को अनिवार्य रूप से खुले रहें। इसके साथ ही प्रत्येक माह एक बार ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) का आयोजन करना आवश्यक होगा। इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
जिन पंचायतों में आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका के चयन लंबित हैं, वहां ग्रामसभा के माध्यम से चयन कार्य को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
पोषण ट्रैकर में डुप्लीकेसी समाप्त करने के लिए जिला स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना बनाए जाने की बात कही गई। सभी संबंधित विवरण एकत्र कर जिला कार्यालय से साझा करने के निर्देश दिए गए।
जिन आंगनबाड़ी केंद्रों में अभी तक बिजली की सुविधा नहीं है, वहां विभागीय समन्वय से तत्काल बिजली बहाल करने के लिए निर्देशित किया गया। साथ ही इन भवनों का सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देने को भी कहा गया.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत लंबित 468 आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने के निर्देश उप विकास आयुक्त ने दिए। उन्होंने समयसीमा के भीतर लाभुकों को सुविधा उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में वन स्टॉप सेंटर के 6 केसों में से 2 लंबित पाए गए, जिन्हें त्वरित गति से निष्पादित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया।
उप विकास आयुक्त ने दोहराया कि जनहित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की सुस्ती स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, यह जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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