झाड़ग्राम: झाड़ग्राम के बेलियाबेड़ा थाना क्षेत्र के तालग्राम गांव में 1 नवंबर को एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सभी को हिला दिया। आठ दिन की एक बच्ची को सिर्फ इसलिए ज़हर दिया गया कि वह “बेटी” थी। आरोप है कि उसकी अपनी दादी ने दूध में ज़हर मिलाकर उसे मारने की कोशिश की।
गंभीर हालत में बच्ची को पहले गोपीबल्लभपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और बाद में झाड़ग्राम मेडिकल कॉलेज लाया गया। डॉक्टरों ने लगातार प्रयास किए और मासूम ने भी ज़िंदगी को थामे रखा। लगातार 11 दिनों के इलाज के बाद वह फिर मुस्कुराने लगी। उसकी आँखें खुलते ही परिवार, डॉक्टर और पूरे गांव में राहत की लहर दौड़ गई।
बेलियाबेड़ा थाना पुलिस ने बच्ची और उसके परिवार की मदद के लिए नए कपड़े और बेबी फ़ूड उपलब्ध कराए। झाड़ग्राम जिला पुलिस ने भी बच्ची के लिए शुभकामनाएं भेजीं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गांव के लोगों का कहना है— “यह बच्ची सिर्फ अपने परिवार की नहीं, पूरे समाज की जीत है। वह अंधेरी सोच के खिलाफ उम्मीद का प्रतीक बनकर उभरी है।”
इसे भी पढ़ें :
Jhargram: झाड़ग्राम में मानवता शर्मसार, दादी ने नवजात पोती को दिया ज़हर – गिरफ्तार
There is no ads to display, Please add some


















































