देवघर: झारखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने गिरिडीह में हाल ही में हुई हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. सोमवार दोपहर देवघर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मरांडी ने कहा कि गिरिडीह में जिन्होंने पथराव और आगजनी की, उन पर पुलिस-प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि निर्दोष लोगों को पीटकर जेल में डालने का काम हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों को छोड़कर पुलिस, शांतिपूर्ण तरीके से होली मनाने वाले गिरिडीह के लोगों पर अत्याचार कर रही है. यह राज्य सरकार की तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है.
आदिवासी विरोध प्रदर्शन पर सरकार की विफलता
रांची के सिरमटोली फ्लाईओवर में आदिवासी विरोध प्रदर्शन के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में पिछले पांच सालों से सरकार चल रही है. सरकार को पहले से पता था कि वहां सरना स्थल है और सरकार को इस मुद्दे पर सही निर्णय लेना चाहिए था. फ्लाईओवर का एलाइनमेंट आदिवासियों के अनुसार होना चाहिए था, लेकिन राज्य सरकार ने राजनीति को प्राथमिकता दी. मरांडी ने यह भी कहा कि आदिवासियों के लिए सरकार को अलग से जमीन की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि सरना स्थल का निर्माण किया जा सके.
प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन पर बाबूलाल का बयान
नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद बाबूलाल मरांडी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. मरांडी ने कहा कि यह कोई अचानक मुलाकात नहीं थी, बल्कि बीच-बीच में उन्हें प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन मिलता रहता है. उन्होंने यह भी बताया कि मुलाकात के दौरान उन्हें आगे के कामकाज को लेकर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है.
भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत
सोमवार को बाबूलाल मरांडी देवघर पहुंचे, जहां भाजपा जिलाध्यक्ष सचिन रवानी, मनोज मिश्र सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. देवघर से बाबूलाल मरांडी गिरिडीह के लिए रवाना हो गए.




















































