पश्चिमी सिंहभूम: चाईबासा न्यू कॉलोनी टुंगरी निवासी और टाटानगर में कार्यरत रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार को भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पदक और प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें रेलवे बोर्ड, रेल भवन, नई दिल्ली में आयोजित समारोह में कार्यपालक निदेशक अजीत कुमार झा ने प्रदान किया।
दक्षिण पूर्व रेलवे से संतोष कुमार इस सम्मान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने वाले अकेले सदस्य हैं। उन्हें नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की दक्षता बढ़ाने, नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने और टीम भावना को प्रोत्साहित करने के लिए चुना गया।
संतोष कुमार ने रेलवे के अलावा झारखंड सरकार की विभिन्न योजनाओं, चुनावी जागरूकता अभियानों और ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण देकर भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके नेतृत्व में हजारों नागरिकों और रेलवे कर्मियों को आपदा से निपटने का प्रशिक्षण मिला है।
पहले भी मिल चुके कई पुरस्कार
संतोष कुमार को इससे पहले दक्षिण पूर्व रेलवे गार्डेनरीच, कोलकाता में विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार (2024), पीसीएसओ अवार्ड (2022), सीनियर एसडीजीएम अवार्ड (2018) और तीन बार डीआरएम अवार्ड (2002, 2005, 2007) मिल चुका है। इसके अलावा वे टाटानगर में सीनियर डीईई अवार्ड (2010, 2017) से भी सम्मानित हो चुके हैं।
‘साइलेंट हीरो’ की उपाधि भी मिली
उनकी कार्यशैली और प्रबंधन क्षमता की तारीफ कई वरिष्ठ अधिकारियों ने की है। पश्चिमी सिंहभूम के पूर्व उपायुक्त अरवा कमल ने उन्हें “साइलेंट हीरो” की उपाधि दी थी, जबकि चाईबासा के पूर्व एसएसपी इंद्रजीत महता समेत कई अधिकारियों ने उनकी सेवाओं की सराहना की थी।
गर्व का विषय
संतोष कुमार की इस उपलब्धि से दक्षिण पूर्व रेलवे और झारखंड गौरवान्वित हुआ है। उनकी निष्ठा और मेहनत ने साबित कर दिया है कि समर्पण के साथ कोई भी कर्मचारी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकता है।
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