रांची: प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ का सनातन धर्म में अत्यंत विशिष्ट स्थान है. आज रविवार को यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. झारखंड की राजधानी रांची की रामनवमी, अपने विशेष आयोजन और भव्य शोभायात्रा के कारण हर वर्ष चर्चा का केंद्र बनती है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की पूजा
हर वर्ष की भांति इस बार भी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी व गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ निवारणपुर स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर पहुंचे. उन्होंने विधिपूर्वक भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की. सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, अनुशासन, त्याग और प्रेरणा का प्रतीक है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि झारखंड में समृद्धि और खुशहाली बढ़े तथा राज्य निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हो.

1929 से चली आ रही है शोभायात्रा की परंपरा
तपोवन मंदिर के मुख्य पुजारी महंत ओम प्रकाश शरण ने बताया कि हजारीबाग के बाद रांची की रामनवमी पूरे देश में प्रसिद्ध है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1929 में पहली बार रांची में रामनवमी की शोभायात्रा निकाली गई थी, जो महावीर चौक से आरंभ होकर तपोवन मंदिर तक पहुंची थी. तभी से यह परंपरा निरंतर चलती आ रही है. हर वर्ष यह यात्रा तपोवन मंदिर में समाप्त होती है.
रामभक्ति में डूबी राजधानी
रामनवमी के अवसर पर रांची की सड़कों पर जय श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई दी. जगह-जगह भजन-कीर्तन, झांकियों और पूजा पंडालों से माहौल भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा के विशेष प्रबंधों ने आयोजन को भव्य और शांतिपूर्ण बनाया.
इसे भी पढ़ें :




















































