Jharkhand: राम की मर्यादा, राज्य की तरक्की, रामनवमी पर मुख्यमंत्री सोरेन का संदेश – 96 साल पुराने मंदिर में की पूजा

रांची: प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव ‘रामनवमी’ का सनातन धर्म में अत्यंत विशिष्ट स्थान है. आज रविवार को यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. झारखंड की राजधानी रांची की रामनवमी, अपने विशेष आयोजन और भव्य शोभायात्रा के कारण हर वर्ष चर्चा का केंद्र बनती है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की पूजा

हर वर्ष की भांति इस बार भी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी धर्मपत्नी व गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के साथ निवारणपुर स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर पहुंचे. उन्होंने विधिपूर्वक भगवान श्रीराम की पूजा-अर्चना की. सैंकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, अनुशासन, त्याग और प्रेरणा का प्रतीक है. उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि झारखंड में समृद्धि और खुशहाली बढ़े तथा राज्य निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर हो.

1929 से चली आ रही है शोभायात्रा की परंपरा

तपोवन मंदिर के मुख्य पुजारी महंत ओम प्रकाश शरण ने बताया कि हजारीबाग के बाद रांची की रामनवमी पूरे देश में प्रसिद्ध है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1929 में पहली बार रांची में रामनवमी की शोभायात्रा निकाली गई थी, जो महावीर चौक से आरंभ होकर तपोवन मंदिर तक पहुंची थी. तभी से यह परंपरा निरंतर चलती आ रही है. हर वर्ष यह यात्रा तपोवन मंदिर में समाप्त होती है.

रामभक्ति में डूबी राजधानी

रामनवमी के अवसर पर रांची की सड़कों पर जय श्रीराम के जयकारों की गूंज सुनाई दी. जगह-जगह भजन-कीर्तन, झांकियों और पूजा पंडालों से माहौल भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं की भीड़ और सुरक्षा के विशेष प्रबंधों ने आयोजन को भव्य और शांतिपूर्ण बनाया.

 

इसे भी पढ़ें :

Jharkhand: करंट से सुरक्षा या धार्मिक व्यवधान? झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत – जानिए क्या है पूरी बात
Spread the love

Related Posts

Gua : मनोहरपुर से बड़ाजामदा तक जीर्णोद्धार के बाद  चकाचक हुई सड़क, आवागमन हुआ सुगम

सड़कें रोजगार सृजन में प्रमुख भूमिका निभाती हैं : राजू सांडिल गुवा :  सड़कें किसी भी राष्ट्र की जीवनरेखा हैं, जो आर्थिक विकास, सामाजिक जुड़ाव और ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी के लिए…

Spread the love

Bahragora : सपनों का सफर बना आखिरी सफर, घर पहुंचने से पहले ही उजड़ गई मां की गोद

बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के छोटा आसानबनी गांव में उस वक्त खुशियां मातम में बदल गईं, जब केरल से मजदूरी कर घर लौट रहे 28 वर्षीय कार्तिक मुंडा का पार्थिव शरीर…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share this Page

Slide-In Box help you to share the page on the perfect time