रांची: संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर झारखंड राज्य किसान सभा ने राहे क्षेत्र के ठूगरूडीह, बासाहातु, पारमडीह, महेशपुर, बरवाडीह, लोवाहातु, टोरांग, कटयाडीह सहित दर्जनों गांवों में किसान विरोधी बीज विधेयक और बिजली विधेयक की प्रतियां जलाई। इस दौरान लोगों ने “किसान विरोधी बीज और बिजली विधेयक वापस लो”, “बिज और बिजली कारपोरेट के हवाले नहीं चलेगा”, “मोदी सरकार हाय हाय” जैसे नारों से विरोध जताया।
इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य अध्यक्ष सुफल महतो ने कहा कि यह दोनों विधेयक कृषि क्षेत्र को बड़े कारपोरेट कंपनियों के हाथों सौंपने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि 2014 में किसान विरोधी भूमि अध्यादेश और 2020 में तीन कृषि काले कानून भी इसी उद्देश्य के तहत लाए गए थे, लेकिन देशव्यापी किसान आंदोलन के कारण उन्हें रद्द करना पड़ा। सुफल महतो ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार द्वारा किसानों के साथ किए गए एमएसपी के कानूनी गारंटी वाले समझौते को आज तक लागू नहीं किया गया।
राज्य किसान कौंसिल सदस्य विसवर महतो, जिला कौंसिल सदस्य शोभाराम महतो, जयपाल सिंह मुंडा, मुगा महली, नारायण मुंडा, अंचल कौंसिल सदस्य जगन्नाथ मुंडा, सोमा मुंडा, घनश्याम मुंडा, कनक मुंडा, सुखदेव महतो, राम महतो, सहदेव हरिजन, कमलाकांत मुंडा, करमी देवी, रमनी देवी, छुटू मनी देवी, सुलेखा कुमारी, दुर्गा देवी, बाला देवी, हलधर हरिजन, बिपती देवी, पुष्पा महतो, रीता देवी, सरला देवी, अनंत मुंडा, सालु देवी सहित अन्य सदस्य इस आयोजन में उपस्थित थे।
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