Jharkhand: CM ने स्वास्थ्य बीमा योजना का किया शुभारंभ, अब झारखंड के कर्मी और उनके परिवार को इलाज के लिए नहीं करनी होगी पैसे की चिंता

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राज्यकर्मियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने राज्य विधानसभा के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य बीमा योजना का शुभारंभ किया. इस योजना के तहत राज्य के कर्मियों के साथ-साथ पेंशनरों, विधानसभा के वर्तमान और पूर्व सदस्यों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा. इसके अलावा, गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 10 लाख रुपये तक की चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी. विशेष परिस्थितियों में लाभार्थियों को एयर एंबुलेंस सेवा भी प्रदान की जाएगी. इस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थियों को JAPT द्वारा विकसित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा.

सीएम का सपना हुआ साकार

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “आज का दिन बहुत ही गौरवपूर्ण है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी का सपना आज साकार हो रहा है. जब एक डॉक्टर राज्य का स्वास्थ्य मंत्री बनता है और राज्य की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री के हाथों में होती है, तो यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए काम करें. अब राज्य में किसी भी परिवार को पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा.”

स्वास्थ्य बीमा योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना के शुभारंभ के दौरान कहा कि यह योजना राज्य के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है. इस योजना से राज्य के विभिन्न सरकारी कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा और अब उन्हें इलाज के लिए आर्थिक दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

अस्पतालों और दवाइयों के भरोसे जीवन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्वास्थ्य के मुद्दे पर बात करते हुए कहा, “आज व्यक्तिगत तौर पर बेहद सुखद अनुभव हो रहा है. देश भर में हर व्यक्ति किसी न किसी शारीरिक समस्या से जूझ रहा है. बी.पी. और शुगर की समस्याएं आम हो चुकी हैं. दवाइयों और अन्य आवश्यक चीजों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. अस्पतालों के खर्चे भी बढ़ते जा रहे हैं. झाड़-फूंक के दिन अब खत्म हो चुके हैं. आजकल का समय अस्पतालों और दवाइयों के भरोसे है.”
उन्होंने आगे कहा, “यह राज्य गरीबी के साथ-साथ पिछड़ेपन का भी शिकार है, लेकिन हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि राज्य की विभिन्न समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जाए.”

 

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