गुवा: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष हरिचरण साण्डिल ने झारखंड सरकार से बंद पड़े माइंस को फिर से खोले जाने की मांग की है. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एशिया महादेश का सबसे बड़ा सारंडा जंगल में स्थित बंद माइंस को फिर से खोले जाने की प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए.
खनिज संपदा का आकलन न होने पर चिंता
हरिचरण साण्डिल ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने उपेक्षात्मक रवैये के कारण खनिज संपदा का सही आकलन नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि सारंडा की धरती में प्रचुर मात्रा में खनिज मौजूद हैं, जिनका सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा. साण्डिल ने इस स्थिति के कारण बेरोजगारी और अन्य सामाजिक समस्याओं को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे धनी राज्य में खनिज संसाधनों का सही तरीके से उपयोग न होने के कारण बेरोजगारी, भूखमरी, चोरी और डकैती जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं. साण्डिल ने यह भी कहा कि राज्य के युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं और उनके पास कोई ठोस अवसर नहीं हैं. बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग में निराशा का माहौल है, जिससे कई तरह की सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.
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