रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में यूनिसेफ की भारत में प्रतिनिधि सिन्थिया मेककेफरी ने शिष्टाचार भेंट की. इस दौरान उन्होंने झारखंड में बच्चों के समग्र विकास के लिए यूनिसेफ द्वारा संचालित कार्यक्रमों और पहलों की जानकारी दी.
उन्होंने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर बाल अधिकारों के संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, समुचित स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों के व्यक्तित्व विकास हेतु समन्वय के साथ कार्य करने की इच्छा जताई.
बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. राज्य के बच्चे शिक्षा, खेल, कला, विज्ञान जैसे सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ें, इसके लिए कई योजनाएं लागू हैं. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जब तक बच्चे स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होंगे, उनका वास्तविक विकास संभव नहीं है.
मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ की पहल की सराहना करते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.
कुपोषण और स्वास्थ्य समस्याओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कुपोषण, एनीमिया जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूनिसेफ की विशेषज्ञता और संसाधनों के सहयोग से इन प्रयासों को और भी मजबूती मिलेगी.
सभी के सहयोग से बेहतर भविष्य की ओर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार और यूनिसेफ की साझेदारी से झारखंड के बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और सम्मानपूर्ण जीवन देने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि समावेशी विकास तभी संभव है जब समाज के सबसे छोटे नागरिकों — बच्चों — को केंद्र में रखा जाए.
इस अवसर पर यूनिसेफ, झारखंड की प्रमुख कननिका मित्रा और कम्युनिकेशन स्पेशलिस्ट आस्था अलंग भी मौजूद थीं.
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