जमशेदपुर: प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी नमन परिवार ने कालीमाटी रोड पर बैकुंठ शुक्ल की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग—महिलाएं, युवा और गणमान्य नागरिक—एकत्र हुए और अमर बलिदानी बैकुंठ शुक्ल के योगदान को याद किया.
बैकुंठ शुक्ल का जीवन: देशभक्ति और आत्मबलिदान की मिसाल
मुख्य वक्ता और नमन परिवार के संरक्षक, वरिष्ठ पत्रकार बृजभूषण सिंह ने बैकुंठ शुक्ल के जीवन को देशभक्ति, साहस और आत्मबलिदान का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि बैकुंठ शुक्ल का जीवन आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, और उन्हें अपने आदर्शों से प्रेरित होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए.
बलिदान कभी नहीं भूलाया जा सकता
रामकेवल मिश्रा ने बैकुंठ शुक्ल के बलिदान को याद करते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी, उसी तरह हमें भी अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा दिखानी चाहिए. उनके बलिदान को हम कभी नहीं भूल सकते.
अन्य वक्ताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर जसवंत सिंह भोमा, बंटी सिंह (जंबू अखाड़ा), राजपति देवी (भा.ज.पा. महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष), नीरु सिंह (पूर्व अध्यक्ष), और अन्य वक्ताओं ने बैकुंठ शुक्ल के जीवन, स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और उनकी देशभक्ति भावना पर प्रकाश डाला. सभी ने उनकी आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम का संचालन जूगुन पांडे ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन राघवेन्द्र शर्मा (वरिष्ठ पत्रकार) ने दिया.
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में शामिल थे
कार्यक्रम में विभिन्न समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिनमें अनिता सिंह, सिमी कश्यप, डी मणि, चंदना रानी, ममता साहा, रजनी सिन्हा, अंजना भट्टाचार्यजी, गौरी कुमारी, सुनीता देवी, मोमिता पुष्टि, पप्पी शर्मा, सोनी देवी, सावित्री देवी सहित अन्य ने श्रद्धांजलि अर्पित की.
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