पश्चिमी सिंहभूम: नोआमुंडी प्रखंड के सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम चाईबासा द्वारा असंगठित मजदूरों को कानूनी जानकारी देने हेतु एक विधिक जागरूकता एवं सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में महुदी, बालीझरन, कादा, कादाजामदा, कोटगढ़, दुधबिला, दिरीबुरु और बड़ा जामदा पंचायतों से बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिक शामिल हुए। इन सभी ने अपनी-अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।

सचिव रवि चौधरी ने दी कानूनी जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी ने डालसा (DLSA) की संरचना और कार्यप्रणाली से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सरकार असंगठित मजदूरों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रही है।
इनमें प्रमुख हैं:
श्रम निबंधन कार्ड, जिसके अंतर्गत मुफ्त बीमा की सुविधा मिलती है।
औजार योजना, जिसमें निःशुल्क औजार दिए जाते हैं।
बच्चों की शिक्षा, जिसमें मुफ्त पढ़ाई, प्रशिक्षण, स्टाइपेंड, नौकरी और विवाह में सहयोग राशि दी जाती है।
कानूनी सहायता के अधिकारों की दी जानकारी
सचिव ने बताया कि यदि कोई नाबालिग बच्ची किसी दुर्व्यवहार की शिकार होती है तो उसे आर्थिक मुआवजा दिया जाता है।
कमजोर वर्ग के लोगों के लिए डालसा कोर्ट फीस, आने-जाने की सुविधा, और आवश्यकतानुसार वकील भी उपलब्ध कराता है।
सड़क दुर्घटना में मुआवजा और ‘हिट एंड रन’ मामलों की जानकारी
उन्होंने यह भी बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को मुआवजा राशि दी जाती है।
यदि दुर्घटना के बाद वाहन चालक फरार हो जाए, तो हिट एंड रन के मामलों में डालसा द्वारा दो लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।
पीएलवी की रही सक्रिय भागीदारी
इस अवसर पर प्रखंड के सभी पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर्स) दिल बहादुर, प्रमिला पात्रों, अनिता सहनी और सुनील देवगम मौजूद थे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनकर उचित विधिक मार्गदर्शन देने में सहायता की।
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