देवघर में झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा का प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित.
देवघर : स्थानीय बरनवाल सेवा सदन के सभागार में सोमवार को झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा का प्रमंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें वैश्य समाज की सभी उपजातियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में सरकार द्वारा लगातार वैश्य समाज की उपेक्षा पर क्षोभ प्रकट किया गया और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष महेश्वर साहू ने कहा कि झारखंड प्रदेश वैश्य मोर्चा पिछड़ों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने, वैश्य आयोग का गठन करने, जाति आधारित जनगणना कराने, छोटे दुकानदारों का दस लाख रुपए तक का ऋण माफी करने, वैश्य समाज के शोषण-दमन और उनकी लूटी गई जमीन को वापस करने की मांग लगातार सरकार से मांग कर रही हैं।
मोर्चा आंदोलन करेगी
लेकिन अफसोस इस बात की है कि पिछले विधानसभा चुनाव के समय सत्ताधारी दलों ने वादा किया था कि हमलोगों की सरकार बनेगी तो पिछड़ों और वैश्य समाज के हितों की रक्षा के लिए पहल करेंगे। लेकिन सत्ता पाने के बाद सरकार में शामिल तीनों घटक दल जैसे सो गए हैं। उन्हें जगाने, अहसास कराने और किए गए वादा को पूरा करने के लिए मोर्चा सरकार से मांग कर रही है। अगर राज्य सरकार अपना वादा पूरा नहीं करती है तो राज्य में निवास करने वाले 52 प्रतिशत वैश्य और ओबीसी समाज को लेकर मोर्चा आंदोलन करेगी।
31 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में त्राहिमाम धरना
इसके तहत 31 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में त्राहिमाम धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सम्मेलन में कार्यकारी अध्यक्ष रेखा मंडल, हीरानाथ साहू, अशोक गुप्ता, प्रमंडलीय अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, विष्णु मंडल, गजेंद्र केसरी, रीता चौरसिया, रवि केसरी, देवघर जिलाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, ध्रुव प्रसाद साह, देवेंद्र मंडल, जितेंद्र चौधरी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
क्या-क्या निर्णय लिया गया
– झारखंड में सरकारी आंकड़ों के अनुसार ओबीसी की आबादी 52% से अधिक है। सत्ता बनाने और बिगाड़ने की यह वर्ग ताकत रखता ह। अगर वैश्य और ओबीसी के साथ यही उपेक्षापूर्ण नीति रही तो झूठे वायदे करने वालों को समय आने पर सबक सिखाया जाएगा। इसके दिल्ली जाकर विपक्ष के नेता सह कांग्रेस नेता राहुल गांधी एवं पटना जाकर लालू प्रसाद यादव और जस्वी यादव को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा जाएगा।
– झारखंड में ओबीसी को 27% आरक्षण देने, आरक्षण से वंचित जिले- खूंटी, सिमडेगा, गुमला, चाईबासा, जमशेदपुर, लोहरदगा आदि में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने, जाति आधारित जनगणना, वैश्य आयोग का गठन, पिछड़ा वर्ग मंत्रालय का गठन, छोटे दुकानदारों के 10 लाख रुपये तक की ऋण माफी, वैश्य समाज की लूटी गई जमीन की वापसी, वैश्यों पर हो रहे अत्याचार, शोषण, हत्या, लूट, पुलिसिया जुल्म आदि मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
-15 जून से 20 जुलाई तक सभी केंद्रीय पदाधिकारी, सदस्य और जिलाध्यक्ष प्रखंड स्तरीय सम्मेलन, बैठक और जन संपर्क अभियान चला कर अपने मांगों को सरकार को बताने का काम करेंगे और पर्चा वितरण करेंगे।
-31 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘त्राहिमाम महाधरना’ कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस महाधरना में दिल्ली, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि राज्यों के वैश्य नेता और प्रतिनिधि भाग लेंगे।
– 31 जुलाई को चलो दिल्ली के मुद्दे पर 12 जून को केंद्रीय समिति की बैठक रांची में आयोजित की गई है, जिसमें सभी बातों की चर्चा होगी और आंदोलन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक में सभी केंद्रीय पदाधिकारी, सदस्य, जिला अध्यक्ष एवं प्रकोष्ठ संगठन के पदाधिकारी भाग लेंगे।
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