जमशेदपुर: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव को चार सप्ताह के अंदर लिखित जवाब भेजने को कहा है। यह मामला जमशेदपुर के दीपक कुमार की शिकायत पर उठाया गया है, जिसमें उन्होंने आबकारी सिपाही भर्ती में 12 प्रतिभागियों की मौत और 400 प्रतिभागियों के बीमार होने की घटना की जांच की मांग की है।
शिकायत की जानकारी
मानवाधिकार कार्यकर्ता दीपक कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में झारखंड के विभिन्न जिलों में आबकारी सिपाही भर्ती के लिए आयोजित शारीरिक परीक्षा के दौरान 12 प्रतिभागियों की मौत हो गई थी और 400 प्रतिभागी बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्होंने इस घटना की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को पूरी घटना से अवगत कराया था।
एनएचआरसी की कार्रवाई
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने झारखंड सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव को पत्र प्रेषित कर इस मामले में पूरी रिपोर्ट 4 जुलाई तक आयोग को प्रेषित करने को कहा है। आयोग ने विभिन्न बिंदुओं पर ससमय जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है।
दीपक कुमार का बयान
दीपक कुमार ने कहा कि इस घटना में झारखंड के युवाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी, जो बहुत ही शर्मनाक है। उन्होंने शारीरिक परीक्षा के तौर-तरीके पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि दौड़ स्वरूप में बदलाव करते हुए 10 किलोमीटर की दौड़ को चयन का आधार बनाना मौत का कारण बना।
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