कोलकाता: पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने यात्री सुविधाओं और स्टेशन परिसरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक कड़ा निर्णय लिया है। रेलवे की जमीन पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर लॉटरी टिकट बेचने वालों को जल्द से जल्द जगह खाली करने की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में स्टेशन परिसर में इश्तेहार लगाए गए हैं और ध्वनि विस्तारक यंत्रों से लगातार घोषणाएं की जा रही हैं ताकि सभी को समय रहते सूचित किया जा सके।
लॉटरी विक्रेताओं को अंतिम चेतावनी
सियालदह मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जसराम मीणा ने बताया कि यह गतिविधि न केवल रेलवे की संपत्ति पर अवैध कब्जा है, बल्कि इससे समाज विशेषकर युवा वर्ग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लॉटरी विक्रेताओं से अपील की है कि वे स्वेच्छा से रेलवे परिसर खाली कर दें, अन्यथा उनके विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एक ओर हड़कंप, दूसरी ओर राहत
रेलवे की इस कार्रवाई से जहां लॉटरी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया है, वहीं यात्रियों में संतोष और समर्थन देखने को मिल रहा है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे परिसर में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए ताकि स्टेशन का माहौल बेहतर और सुरक्षित हो सके।
यात्रियों ने किया सराहनीय कदम का स्वागत
स्थानीय यात्रियों ने रेलवे के इस निर्णय की खुलकर सराहना की है। उनका कहना है कि स्टेशन परिसर सार्वजनिक स्थान है और यहां साफ-सुथरा एवं अनुशासित वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। अवैध लॉटरी बिक्री न केवल अशांति फैलाती है, बल्कि यह कई बार अपराधों का माध्यम भी बन जाती है।
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