देवघर: राजकीय श्रावणी मेला का तीसरा दिन रहा खास. बाबा बैद्यनाथ के गर्भगृह का पट प्रातः 3:05 बजे खोला गया. सरकारी पूजा-कांच्छा जल रिति के बाद आम श्रद्धालुओं ने चार अरघा स्टॉल में जलार्पण आरंभ किया. मुख्य अरघा गर्भगृह के बाहरी मंझला खंड में था, जहाँ शीघ्र दर्शनम् कूपन धारक जल अर्पित कर रहे थे. तीन बाहरी अरघा बैद्यनाथ मंदिर के निकास द्वार के पास नीर कुंड समीप बनाए गए थे, जहां इच्छुक और असहाय श्रद्धालुओं को शीघ्र जलार्पण की सुविधा मिली.
श्रावणी मेले में अब शीघ्र दर्शनम् कूपन की कीमत बढ़ाकर ₹600 हो गई है, जो पूर्व के ₹300 से दोगुनी है. यह कूपन कार्यक्रम में तेजी लाने और विशाल भीड़ को सुव्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में मददगार साबित हो रहा है.
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उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था के तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, 200 एआई-आधारित कैमरा, 700 अन्य कैमरा, 10 एआई ड्रोन, ANPR कैमरा, फेस रिकग्निशन, हेड काउंटिंग, क्यूआर-आधारित शिकायत प्रणाली और लोकेशन-आधारित उपस्थिति ट्रैकिंग सेंसर जैसे आधुनिक उपकरण पूरे मेला क्षेत्र में लगे हैं.
🔹 आरएफआईडी कार्ड के जरिए खोए बच्चों की तत्काल पहचान की जा सकेगी.
🔹 ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से आवागमन सुगम हो रहा है.
🔹 डिजिटल पवेलियन व इंदर वर्षा से भीड़ में ठंडक बनी रहेगी.
तीन ‘टेंट सिटी’ में 24×7 बिजली, पेयजल, स्नानगृह, साफ-सफाई व कूड़ेदान की व्यवस्था की गई है. मेला क्षेत्र में पथप्रकाश, तोरण द्वार व वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है. इससे श्रद्धालुओं को खासकर रात में भी कोई परेशानी नहीं हो रही.
देवघर और बासुकीनाथ मार्ग के फंके मार्गों की यातायात व्यवस्था जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों द्वारा समन्वय के तहत संचालित की जा रही है. क्यूआर-कोड आधारित फीडबैक प्रणाली से श्रद्धालु अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्यवाही की जा रही है.
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