
जमशेदपुर: हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाली शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 22 सितंबर से शुरू होगी। नवरात्रि की शुरुआत घटस्थापना (कलश स्थापना) से होती है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। खासकर बिहार, झारखंड, असम और पश्चिम बंगाल में यह पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।
दुर्गा पूजा 28 सितंबर से
नवरात्रि का मुख्य आकर्षण दुर्गा पूजा 28 सितंबर (महाषष्ठी) से शुरू होगी और पांच दिनों तक चलेगी। इस दौरान महाषष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा।
शारदीय नवरात्रि 2025 कैलेंडर
22 सितंबर – प्रतिपदा (शैलपुत्री पूजा)
23 सितंबर – द्वितीया (ब्रह्मचारिणी पूजा)
24 सितंबर – तृतीया (चन्द्रघण्टा पूजा)
26 सितंबर – चतुर्थी (कूष्माण्डा पूजा)
27 सितंबर – पञ्चमी (स्कन्दमाता पूजा)
28 सितंबर – महाषष्ठी (कात्यायनी पूजा)
29 सितंबर – महासप्तमी (कालरात्रि पूजा)
30 सितंबर – महाअष्टमी (महागौरी पूजा)
1 अक्टूबर – महानवमी (सिद्धिदात्री पूजा)
2 अक्टूबर – विजयादशमी
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
घटस्थापना सोमवार, 22 सितंबर को की जाएगी।
सुबह का मुहूर्त: 06:09 बजे से 08:06 बजे तक (1 घंटा 56 मिनट)
अभिजीत मुहूर्त: 11:49 बजे से 12:38 बजे तक (49 मिनट)
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आएंगी। हाथी की सवारी को अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसे समृद्धि, उन्नति और शांति का प्रतीक माना जाता है।
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