- देवेन्द्र महतो के आते ही आंदोलनकारियों में दिखा जोश
- ‘कुड़मी समाज की मांग को लेकर राज्यभर में बढ़ सकता है आंदोलन’
मुरी : मुरी स्टेशन पर कुड़मी समुदाय के लोगों का आंदोलन देर रात तक जारी रहा। जैसे ही देवेन्द्र महतो पहुंचे, आंदोलनकारियों में उत्साह की लहर दौड़ गई और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच जोरदार नारे लगाए गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग पटरी पर बैठ गए, जिससे रेल परिचालन पूरी तरह ठप्प हो गया। प्रशासन ने एहतियातन रेलवे बाजार बंद करा दिया, जिसके बाद अंधेरा होते ही इलाके में सन्नाटा पसर गया।
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प्रशासन और आंदोलनकारियों में कई बार हुई झड़प, कई घायल
आंदोलन के दौरान पुलिस और कुड़मी समाज के बीच झड़प भी हुई, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और पानी की बौछार का सहारा लेना पड़ा। बावजूद इसके, कुड़मी समुदाय के लोग महतो के नेतृत्व में मुरी स्टेशन पर डटे रहे। धरना स्थल से महतो ने कहा कि कुड़मी जन्मजात आदिवासी हैं और यह आंदोलन अपने हक और अधिकार की लड़ाई है, जिससे समुदाय को बरसों से वंचित रखा गया है।
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