पोटका: प्रेमनगर में यमद्वितीया का पर्व बुधवार को बड़े ही उत्साह, आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। सुबह होते ही महिलाओं ने घरों के आंगन में गोबर से सांप और बिच्छू की सुंदर आकृतियाँ बनाईं और उनकी पूजा की। यह परंपरा बुराई से रक्षा और समृद्धि की कामना के प्रतीक के रूप में मानी जाती है।
सुबह से ही बहनों ने अपने भाइयों की दीर्घायु, सुख और समृद्धि के लिए व्रत रखा। परंपरा के अनुसार, गोधन कूटने के बाद बहनों ने भाइयों को तिलक लगाया, आरती उतारी और उन्हें भोजन कराया। इसके बाद ही उन्होंने स्वयं अन्न ग्रहण किया।
पूरे दिन क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आपसी प्रेम का वातावरण बना रहा। इस मौके पर संध्या मिश्रा, मुन्नी कुमारी, राजेश्वरी मिश्र, वर्षा मिश्रा, रितु भारती और पलक कुमारी सहित कई महिलाएँ शामिल रहीं। महिलाओं ने कहा कि यमद्वितीया भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के अटूट रिश्ते और प्रेम का प्रतीक है।
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