नई दिल्ली: पहली बार आयोजित ब्लाइंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने अपने नाम किया। भारत ने फाइनल में नेपाल को 7 विकेट से हराया। सेमीफाइनल में भी इंडिया टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया था।
फाइनल मुकाबला: इंडिया ने टॉप क्लास बॉलिंग की
पी. सारा ओवल स्टेडियम में टॉस जीतकर भारत ने पहले बॉलिंग का निर्णय लिया। नेपाल की टीम 20 ओवर में 5 विकेट खोकर केवल 114 रन ही बना सकी। भारतीय गेंदबाजों ने नेपाल की बल्लेबाजों को केवल एक बाउंड्री लगाने की इजाजत दी।
इसके बाद भारत ने 12 ओवर में महज 3 विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कर्नाटक की फुला सारेन ने 27 गेंद में नॉटआउट 44 रन बनाकर टीम को खिताब दिलाया।
सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराया
सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 12 ओवर में ही हरा दिया था। ऑस्ट्रेलिया ने 109 रन बनाए थे, जबकि इंडिया ने 1 विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था। पूरे टूर्नामेंट में टीम इंडिया को कोई हार नहीं मिली।
नेपाल ने फाइनल में जगह बनाने के लिए पाकिस्तान को हराया था। वहीं, मेजबान श्रीलंका टूर्नामेंट में सिर्फ एक ही जीत दर्ज कर पाई, जो अमेरिका के खिलाफ मिली थी।
टॉप स्कोरर: मेहरीन अली की धाक
पाकिस्तान की मेहरीन अली 6 टीमों वाले टूर्नामेंट की टॉप रन स्कोरर रहीं। उन्होंने 6 मैचों में 600 से ज्यादा रन बनाए। इनमें श्रीलंका के खिलाफ 78 बॉल पर 230 रन की पारी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 130 रन शामिल हैं। हालांकि, सेमीफाइनल में जल्दी आउट होने के कारण उनकी टीम फाइनल में नहीं पहुंच सकी।
टूर्नामेंट की रूपरेखा
विमेंस ब्लाइंड वर्ल्ड कप 11 नवंबर को दिल्ली में शुरू हुआ था। इसमें भारत, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और अमेरिका ने हिस्सा लिया। ग्रुप स्टेज में सभी टीमों ने एक-दूसरे के खिलाफ 5-5 मैच खेले। टॉप-4 टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
भारत की कप्तानी दीपिका टीसी (कर्नाटक) ने की। टीम में देश के 9 अलग-अलग राज्यों के 16 खिलाड़ियों को शामिल किया गया।
ब्लाइंड क्रिकेट की खासियत
ब्लाइंड क्रिकेट प्लास्टिक बॉल से खेला जाता है, जिसमें लोहे की बैरिंग लगी होती है ताकि गेंद को टप्पा खाने पर आवाज मिले। टीमों में तीन प्रकार की ब्लाइंड प्लेयर्स होती हैं – B1 (पूरी तरह अंधी), B2 और B3 (कुछ-कुछ देख सकती हैं)। सभी टीमों में इन तीनों तरह की प्लेयर्स होना जरूरी है। गेंदबाज अंडरआर्म बॉलिंग करते हैं। B1 बैटर्स के लिए रनर का इस्तेमाल किया जाता है और हर रन को 2 रन माना जाता है।
इतिहास रचा भारत ने
इस जीत के साथ भारत ने पहली बार ब्लाइंड विमेंस टीम को ग्लोबल स्तर पर खिताब दिलाया। इससे पहले मेंस ब्लाइंड टीम कई बार वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप जीत चुकी है।
इसी महीने, 2 नवंबर को, भारत की एबल्ड विमेंस टीम ने भी पहला वर्ल्ड कप जीता था। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ने नवी मुंबई के डीवाय पाटील स्टेडियम में फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी।
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