जमशेदपुर: पोटका विधायक संजीव सरदार ने गुरुवार को विधानसभा के शून्यकाल में झारनेट प्रणाली की धीमी गति को गंभीर मुद्दा बताते हुए सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि झारनेट लागू होने के बाद अंचल कार्यालयों में भूमि से जुड़े अधिकतर कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विधायक ने बताया कि झारनेट सर्वर की अत्यधिक धीमी स्पीड के कारण रैयतों को अपने काम के लिए कई दिनों तक अंचल कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे आम लोगों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ रही है।
राजस्व से जुड़े कार्यों में भी भारी देरी हो रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सीधा असर पड़ रहा है।
संजीव सरदार ने कहा कि पहले जारी वेब वीपीएन (Web VPN) व्यवस्था में भूमि संबंधी कार्य तेज़ी और सुगमता से पूरे होते थे। लेकिन झारनेट प्रणाली लागू होने के बाद सेवाएं लगभग ठप जैसी स्थिति में पहुँच गई हैं। उन्होंने सदन में मांग रखी कि झारनेट को तत्काल हटाकर पुरानी वेब वीपीएन व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए, ताकि रैयतों और आम नागरिकों को राहत मिल सके और राजस्व कार्य समय पर पूरे हो सकें।
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