- पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने जमशेदपुर और पोटका प्रखंड के गांवों का दौरा कर दिव्यांगों की स्थिति जानी
- दिव्यांग बच्चों को प्रमाण पत्र दिलाने की प्रक्रिया तेज करने की पहल
जमशेदपुर/पोटका : जमशेदपुर एवं पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों में नील-दीप नि:शक्त सेवा अभियान के तहत दिव्यांग खोंज अभियान के दौरान आज संचालक एवं पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने कई दिव्यांग परिवारों का दौरा किया। इस दौरान गोड़ाडीह गांव में दीप पात्र (गूंगा, 13 वर्ष) और नंदिनी कर्मकार (लंगड़ी, 9 वर्ष) से संपर्क साधा गया। वहीं पोटका प्रखंड के आसनबनी पंचायत स्थित दिगरसाई गांव में सलील हो (दोनों आंखों से अंधे) पाए गए। दीप पात्र और सलील हो के पास जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड नहीं हैं, जबकि नंदिनी कर्मकार का आधार कार्ड मौजूद है। इनके कठिन जीवन की जानकारी मिलते ही मंडल ने स्थिति का अवलोकन किया और बच्चों के लिए आवश्यक मदद सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस अभियान की सूचना समाजसेवी अमित पात्र और वृहस्पति दास ने पूर्व जिला पार्षद को दी थी।
इसे भी पढ़ें : Gua : सेल गुवा माइंस में बेदखली कार्रवाई शुरू, जाटाहाटिंग में स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
नील-दीप नि:शक्त सेवा अभियान के तहत गांवों में पहुंची टीम
पूर्व पार्षद मंडल ने नंदिनी कर्मकार को आगामी 27 जनवरी को सदर अस्पताल में आयोजित कैंप में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने का निर्णय लिया। वहीं, सलील हो को शुक्रवार को उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम के समक्ष लेकर जाकर समुचित सहयोग के लिए आवेदन किया जाएगा। बच्चों की देखभाल उनके दादा स्वपन हो द्वारा दैनिक मजदूरी से की जा रही है। इस अवसर पर समाजसेवी अमित पात्र, बृहस्पति दास और किरिटी दास समेत अन्य सहयोगी उपस्थित रहे। इस पहल से उन दिव्यांग बच्चों को कानूनी और सामाजिक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
There is no ads to display, Please add some





















































