बहरागोड़ा : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा (JET) में उड़िया भाषा के प्रश्न पत्र में आई गंभीर खामियों को लेकर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश कुमार षाड़ंगी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने प्रश्न पत्र के अपठनीय होने पर गहरा रोष प्रकट किया और इसे राज्य के उड़िया भाषी अल्पसंख्यकों की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करार दिया। डॉ. षाड़ंगी ने तल्ख अंदाज में कहा कि न केवल उड़िया बल्कि नागपुरी भाषा के प्रश्न पत्र में भी विसंगतियां पाई गई हैं, जो सीधे तौर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार को बदनाम करने की एक विभागीय साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल चिन्हित कर उन पर दंडात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। साथ ही, परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उन्होंने वर्तमान परीक्षा को अविलंब रद्द कर, सभी भाषाई त्रुटियों को दूर करते हुए दोबारा पारदर्शी परीक्षा आयोजित करने की मांग प्रमुखता से उठाई है।
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