जमशेदपुर : झारखण्ड श्रमिक संघ (झामुमो) एवं अन्य श्रमिक संगठनों ने एक साथ मिलकर 1 मई 2026 को साकची आमबगान मैदान में मजदूर दिवस मनाएगा और उलगुलान का शंखनाद करेगा। झारखंड श्रमिक संघ (झामुमो), के केंद्रीय संयुक्त महासचिव शैलेन्द्र कुमार मैथी ने उक्त बातें सोमवार को झामुमो संपर्क कार्यालय साकची में एक प्रेसवार्ता के दौरान कही।
मैथी ने कहा कि मई दिवस के दिन घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि एक मई को सुबह 9 बजे से पूरे कोल्हान के तीनों जिलों से हजारों की संख्या में मजदूर पारंपरिक वेश भूषा में शामिल होंगे। उसके बाद मुख्य अतिथि विधायक सोमेश सोरेन के नेतृत्व में आम बगान मैदान में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मूर्ति पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
उसके बाद सभी मजदूर आम बगान मैदान से रैली निकालेगे जो साकची गोल चक्कर होते हुए बसंत टॉकीज उसके बाद जेएनएसी कार्यालय तक पहुंचेंगे। तत्पश्चात उक्त रैली पुनः आम बगान मैदान में आकर जन सभा आयोजित किया जाएगा और कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं का मजदूर हित में भाषण होगा । उसके बाद कार्यक्रम समाप्त होगा ।
प्रेस वार्ता में शैलेन्द्र कुमार मैथी के साथ झारखंड वर्कर्स यूनियन के नेता ओम प्रकाश सिंह, नरसिंह राव, रमेश मुखी, प्रफुल्ल सिंह मुंडा , खुदीराम सिंह मुंडा, मोहम्मद शामद अंसारी, बाली मार्डी, उज्ज्वल दास समेत अन्य लोग उपस्थित थे ।
झारखंड श्रमिक संघ की प्रमुख मांगे
(क) कामगार नये औद्योगिक कानून के मुताबिक 18,000/- रूपये से ऊपर वेतन पाने वाले कर्मचारी कामगार के श्रेणी में नहीं होंगे, इन्हें इम्पलाई माना जायेगा, पूर्व में श्रम कानून के मुताबिक पद और पेमेट कामगार का आधार नहीं था, जब तक किसी व्यक्ति को चार्यशीट, सस्पेंड, डिस्चार्ज करने का अधिकार प्राप्त नहीं होता था तब तक उसे कामगार माना जाता था। पेमेंट का आधार या पद का अधार नहीं था। इसका प्रमाण टाटा मोटर्स द्वारा हाई कोर्ट के द्वारा पारित आदेशों से मिलता है, पुराने नियमों को ही लागु रखा जाय ।
(ख) E.S.I.C. के द्वारा 21,000/- रूपये पाने वाले मजदूरों को ही सुविधा प्राप्त होता है, जबकि केन्द्र सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी अकुशल के दर को बढ़ा कर 783/- रूपये किया गया है, इसको देखते हुए 21,000/- रूपया का लिमिटेशन को खत्म किया जाय ।
(ग) ठेका कामगारों के वार्षिक बोनस का आधार मुख्य नियोजक के लाभ-हानि के आधार पर तय किया जाय, कारण कि मुख्य नियोजक के उत्त्पान कार्य में ठेका कामगार भी परमानेन्ट मजदूरों के साथ सहभागी होता है ।
(घ) स्थाई एवं लगातार कार्य में ठेका मजदूर से कराने को दण्डनीय अपराध की श्रेणी में रखा जाय ।
(ङ) झारखण्ड के लिये इम्पलायमेन्ट के प्रक्रिया के लिये विधान-सभा द्वारा विशेष प्रावधान पारित किया जाय ।
(च) झारखण्ड राज्य के द्वारा स्थपित या सहयोग से स्थापित उद्योगों के प्रधान कार्यालय को झारखण्ड में स्थापित करने की बाध्यता की जाय।
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